सात साल पहले महज चार हजार रुपये में प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाला जय बाजपेई विकास दुबे और विधायकों के संपर्क में आने के बाद महज सात साल में अरबपति बन गया। कानपुर ही नहीं दुबई, बैंकॉक तक में करोड़ों की संपत्ति तैयार खड़ी कर ली है। जय का पूरा नाम जयकांत बाजपेई है। जानकारी के अनुसार 2013 में वह एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था।
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विकास का खजांची जय
- फोटो : amar ujala
एक पान की दुकान में भी पार्टनरशिप थी। 2014 में वह शहर के कई विधायकों और अपराधियों के संपर्क में आने के बाद जमीन की खरीद फरोख्त करने लगा। रसूख के चलते 2015 से वह विवादित जमीनों को सस्ते दाम पर खरीद लेता और अपने कब्जे में लेकर महंगे में बेचने लगा। रुपये और वर्चस्व बढ़ने पर वह वर्ष 2016 में नेहरूनगर, ब्रह्मनगर, पीरोड समेत आसपास के मार्केट में ब्याज पर रुपये बांटने लगा और बीसी (बिजनेस कमेटी) चलाने लगा।
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पूर्व एसएसपी कानपुर अनंत देव के साथ विकास का साथी जय
- फोटो : amar ujala
नेताओं अपराधियों में अच्छी पैठ बनने पर वर्ष 2017 में वह शहर में दर्जनों मकान, फ्लैट व दुकान का मालिक बन बैठा। 2018 में उसने लखनऊ-कानपुर रोड पर एक पेट्रोल पंप भी खोला। 2019 में नजीराबाद के ब्रह्मनगर में करोड़ों के छह मकान, स्वरूपनगर में फ्लैट और पनकी में बंगला होने की खबर के बाद जय और उसके बड़े भाई रजय की कई बार संपत्ति की जांच भी हुई। लेकिन सत्ताधारी नेताओं के चलते जांच आगे नही बढ़ सकी।
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विकास दुबे के साथ जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
वर्ष 2020 तक उसने खुद को युवा नेता और समाजसेवी बताकर अधिकारियों तक पैठ बना ली। चौबेपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिस कर्मियों की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने जब जांच शुरू की तो जय बाजपेई का हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे संग जांच में कनेक्शन सामने आया। इसके बाद एसटीएफ की टीम जय और उसके साले को लखनऊ पूछताछ के लिए ले गई।
आलीशान मकान में रहता है जय, टॉप फ्लोर पर स्वीमिंग पूल
जय के ब्रह्मनगर स्थित तीन मंजिले जय विला में करोड़ों रुपये की लागत से इंटीरियर तैयार किया गया है। जय ने मकान के टॉप फ्लोर पर एक स्वीमिंग पूल भी बना रखा है।