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Kanpur Encounter News: रात की कहानी घायल होमगार्ड की जुबानी, बताया बदमाशों ने कैसे दी सीओ को क्रूर मौत

Mon, 06 Jul 2020 06:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास ने सीओ देवेंद्र मिश्रा को दी सबसे दर्दनाक मौत - फोटो : amar ujala
कानपुर एनकाउंटर में नृशंस तरीके से मारे गए सीओ देवेंद्र मिश्र की जान बचाने के लिए होमगार्ड जय नारायण ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी। होमगार्ड की पीठ पर पैर रखकर डीएसपी दीवार कूदकर घर में जाकर छिप गए थे। तब उनको एक गोली लगी थी।

 
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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा एवं रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
उनके कूदते ही बदमाशों ने होमगार्ड के दो गोलियां मारीं और फिर घर में घुसकर सीओ को मौत के घाट उतार दिया। घायल होमगार्ड का इलाज जारी है। मुठभेड़ शुरू होने के कुछ ही सेकेंड बाद डीएसपी देवेंद्र मिश्र के एक गोली लग गई। वह एक पेड़ के पास गए। जहां से एक घर की दीवार दिखाई दी। उन्होंने कूदने का प्रयास किया लेकिन नहीं कूद सके।



 
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विकास दुबे ने सीओ देवेद्र मिश्रा को किया था गोलियों से छलनी - फोटो : amar ujala
यह देख टीम में शामिल होमगार्ड जय नारायण वहां पहुंच गए। जय नारायण नीचे बैठ गए जिससे सीओ उसकी पीठ पर चढ़कर दीवार कूद गए। मगर फिर भी उनकी जान नहीं बच सकी। जय नारायण को भी गोलियां मार दी गईं। जब फोर्स पहुंची तो जयनारायण की सांसें चल रही थीं। उनको तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब उनकी हालत पहले से बेहतर है। उनको जांघ और पेट में गोली लगी है। होमगार्ड की इस दिलेरी को हर कोई सलाम कर रहा है।

 

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kanpur encounter news - फोटो : amar ujala
डीएसपी ने बचने को बोरी ओढ़ ली थी
खून से लथपथ डीएसपी ने घर में रखी बोरी को ओढ़ लिया था। उनको नहीं पता था कि ये घर भी विकास का है और उसमें उसका मामा रहता है। कुछ देर बाद बदमाश घर में घुसे और बोरी हटाई। फिर कई लोगों ने डीएसपी को दीवार के सहारे दबा दिया और सिर-गले में पांच गोलियां मार दीं। आखिर में पैर भी काट दिया।

 
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ग्रामीणों में विकास दुबे खौफ का दूसरा नाम है - फोटो : amar ujala
गोली लगने के बाद की थी कई राउंड फायरिंग
पुलिस ने एफआईआर में दर्ज किया है कि पुलिस ने 51 गोलियां दागीं थीं। इसमें से अधिक गोलियां पुलिसकर्मियों ने उस वक्त चलाई थीं जब वो खुद घायल पड़े थे। गोली लगने से वो बेसुध थे शायद इसीलिए उनका निशाना चूक गया। अगर निशाना बैठा होता तो बदमाश भी मारे जाते। 
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