कानपुर बिकरू कांड में पुलिस ने शुक्रवार को जेसीबी चालक राहुल पाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। राहुल ने ही उस रात पुलिस को रोकने के लिए विकास दुबे के कहने पर रास्ते में जेसीबी लगाई थी। यहीं पर पुलिस रुकी थी और दहशतगर्दों ने गोलियां दाग दी थीं। राहुल ने पूछताछ में पूरी वारदात कबूली।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
20-25 मिनट तक चलीं थीं गोलियां
राहुल ने बताया कि विकास ने पहले कहा था कि जेसीबी में ही सो जाओ। पुलिस आने वाली है, ये बात राहुल को विकास ने नहीं बताई थी। विकास के साथी ने कहा कि राहुल को छत पर भेज दो। राहुल के मुताबिक जब वो छत पर पहुंचा तो प्रभात, अमर, प्रेम प्रकाश, समेत अन्य नामजद आरोपी व अज्ञात लोग असलहों से लैस होकर खड़े थे। पुलिस के पहुंचते ही इन सभी ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी। करीब 20-25 मिनट तक गोलियां चलीं थीं। अचानक गोलियों की तड़ताड़हट बंद हुई। तब विकास तेजी से बोला था गन डाउन। इसके बाद सभी आनन-फानन में वहां से निकल गए।
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राहुल ने बताया कि विकास दुबे ने अपने घर के सामने (करीब बीस मीटर आगे) एक जेसीबी खड़ी करवा दी थी जिससे पुलिस सीधे उसके घर तक न पहुंच जाए। ये जेसीबी नारेपुरवा शिवली निवासी ड्राइवर राहुल पाल ने लाकर खड़ी की थी। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जेसीबी चौबेपुर निवासी सुल्तान की है। 17 मई से विकास दुबे किराये पर लेकर जंगल साफ करवा रहा था। पहले जेसीबी को मोनू नाम का ड्राइवर चलाता था। पर, 27 जून से राहुल चलाने लगा। उस रात राहुल ने ही जेसीबी रास्ते में लगाई थी। इसलिए उसको आरोपी बना जेल भेजा गया है।
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राहुल को भेजा छत पर, बंद करवा दी कुंडी
राहुल ने पूछताछ में बताया कि मुठभेड़ में मारा जा चुका प्रेम प्रकाश पांडेय उसको बुलाकर लाया था। उसने बताया था कि विकास दुबे बुला रहे हैं। जब वो वहां पहुंचा तो विकास ने कहा कि जेसीबी रास्ते में लगा दो। राहुल ने कहा कि रास्ता बंद हो जाएगा तो उसने गालियां देकर धमकी दी। राहुल ने तुरंत उसकी बात मान ली। बाद में उसको छत पर भेजा और नीचे दरवाजे में कुंडी डाल दी।
बता दें कि बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।