हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का राजनीतिक इतिहास भी चौंकाने वाला है। यह जिस पार्टी की सरकार रहती है उसी पार्टी के दमदार नेताओं के संपर्क में रहकर अपनी सुरक्षा करता है। सबसे ज्यादा राजनीतिक पकड़ इसको बसपा की सरकार में मिली।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
तब से लेकर यह सपा के कई प्रमुख नेताओं और भाजपा के भी कुछ नेताओं के संपर्क में रह रहा था, लेकिन भाजपा के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की वजह से भारतीय जनता पार्टी में उसकी घुसपैठ पिछले 2 साल से नहीं हो पा रही थी।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
इसको लेकर विकास दुबे ने दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई संपर्क निकालने की कोशिश की लेकिन भाजपा में उसकी घुसपैठ सीधे तौर पर नहीं हो पाई है, अभी भी वह इसके प्रयास में लगा हुआ था। भाजपा में घुसपैठ का इसका सीधा मतलब था कि वह अपनी सुरक्षा कर सके और अपने काले कारनामों को छुपा सके।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि इससे अलग अपनी राजनीतिक पैठ बनाने के लिए विकास दुबे 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहा था और उसने भाजपा और बसपा दोनों पार्टियों पर अपनी निगाह लगा रखी है।
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विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
करीबी सूत्रों के अनुसार वह रनिया से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर इस बार चुनाव को लेकर पूरी तैयारी में था। कुछ दिनों पहले बदमाशों के हाथों मारे गए पिंटू सेंगर और विकास दुबे दोनों अगल-बगल की विधानसभा को लेकर बसपा से ही तैयारी में जुटे थे।
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विकास दुबे व पत्नी रिचा दुबे
- फोटो : अमर उजाला
पिंटू सेंगर रसूलाबाद से और विकास दुबे रनिया से। विकास दुबे सबसे पहले उस समय चर्चा में आया जब शिवली में जूनियर हाई स्कूल के प्रिंसिपल से झगड़ा होने के बाद इसने उनका मर्डर कर दिया था।
पूर्व सांसद राजा राम पाल के साथ विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
इसके बाद बसपा के कुछ नेताओं के बल पर इसने पुलिस से अपना बचाव भी कर लिया और अपना दबदबा भी बना लिया। इसके बाद वह एक के बाद एक हत्याओं में लिप्त होता चला गया।