हैलो भाभी...जे कह रहे हैं बाहर दो आदमी मरे पड़े हैं मेरे दरवाजे और आंगन में एक आदमी मरा पड़ा है मेरे दरवाजे और ये सब लोग भाग गए हैं। क्या कहेंगे पुलिस से जब आएगी। ये बातचीत सोमवार रात को चौबेपुर से पकड़ेे गए बिकरू कांड के आरोपी और विकास दुबे के ममरे भाई शाशिकांत की पत्नी ने दो जुलाई की रात को घटना के ठीक बाद अपने एक रिश्तेदार से फोन पर की थीं। पढ़िए क्या है पूरा मामला...
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
उसने बताया कि विकास भईया और हमारे पति पुलिस वालों को मार कर भाग गए हैं। फिर रिश्तेदार से बोली हम अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर छिपाए दे रहे हैं। इस पर रिश्तेदार ने कहा कि मोबाइल के सारे नंबर डिलीट कर दो। जब पुलिस पूछे तो बताया देना हमको कुछ नहीं पता। हम तो घर के अंदर थे। इस दौरान रिश्तेदार ने मोबाइल की बेटरी हटाने की भी सलाह दी।
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kanpur encounter
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फिर शशिकांत की पत्नी ने रिश्तेदार से कहा कि भईया भाभी ये बताइये जब पुलिस आएगी और पूछेगी तुम्हारा आदमी कहा गया, तुम्हारा आदमी तो दिन की नौकरी कर के आया था। तब क्या बताएंगे। पापा और सब लोग भी भाग गए हैं। इस पर रिश्तेदार ने कहा कि पुलिस से कह देना कि वो आया ही नहीं। उनकी डबल शिफ्ट थी। इस पर शशिकांत की पत्नी ने जवाब दिया कि वहां से तो पता ही चल जाएगा।
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रिश्तेदार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने (शशिकांत) बताया नहीं है हमे कि वो कहां गए हैं। उनसे (पुलिस) कह देना मेरे पतिदेव ने हमे फोन ही नहीं किया। ये तो आप बता रहे हैं कि वो वहां नहीं हैं। इसके बाद शशिकांत की पत्नी ने पूछा ये बताइये अगर हम मोबाइल ऑफ कर दें तो मोबाइल की लोकेशन नहीं पता चलेगी न। वो (शशिकांत) अपना भी मोबाइल यहीं छोड़ गए हैं।
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रिश्तेदार ने कहा पहले हमारा और जो फोन आए हैं वो सारे नंबर डिलीट कर दो और तुम कहीं निकल जाओ। इसपर शशिकांत की पत्नी ने कहा, इतनी रात को कहां जाएं। कोई साधन भी नहीं मिलेगा। मम्मी तो चल भी नहीं पाती हैं।
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बता दें कि कि दो जुलाई की रात को विकास के गांव बिकरू दबिश डालने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया।
वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।