कानपुर की एकता गुप्ता हत्याकांड में गिरफ्तार जिम ट्रेनर विमल ने पुलिस रिमांड पर बताया कि वह ऑफिसर्स क्लब में 45 मिनट तक रहा। इसी दौरान शव को ठिकाने लगाया। उसने हत्या करने की वजह भी बताई।
कानपुर के ग्रीनपार्क में कारोबारी राहुल गुप्ता की पत्नी एकता गुप्ता की हत्या करने वाले जिम ट्रेनर विमल ने दो दिन की रिमांड पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दूसरे दिन पूछताछ में विमल ने बताया कि एकता की हत्या करने के बाद वह कार में उसका शव लेकर सीधे ऑफिसर्स क्लब पहुंचा था। मुख्य गेट के बाहर कार खड़ी की। फिर डीएम के आवासीय परिसर के अंदर से क्लब जाने वाले छोटे गेट से दाखिल हुआ।
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आरोपी विमल
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए की एकता की हत्या
वहां मुख्य गेट को खोलकर कार अंदर लाया और पहले से खुदे गड्ढे को फावड़े से और गहरा कर शव को दफना दिया। इस पूरे काम को करने में उसे करीब 45 मिनट लगे। इसके बाद विमल फरार हो गया। पुलिस को पूछताछ के दौरान उसने यह भी बताया कि एकता उसकी शादी में अड़ंगा डालने के साथ ही उसे धमका भी रही थी। इसी वजह से उसने उसकी हत्या कर दी।
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आरोपी विमल
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आधे घंटे तक साथ रहे... फिर कार में ही मार डाला
कस्टडी रिमांड के दिन पुलिस ने जिम ट्रेनर विमल से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि ऑफिसर्स क्लब में न तो उसे किसी ने रोका, न ही किसी ने पूछताछ की। उसने यह भी साफ किया कि एकता की हत्या उसने ग्रीन पार्क की पार्किंग में कार के अंदर ही कर दी थी। इससे पहले दोनों करीब आधे घंटे तक वहीं रहे थे।
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kanpur murder
- फोटो : amar ujala
वारदात का नाट्य रूपांतरण भी किया
इस जानकारी के आधार पर गुरुवार को पुलिस विमल और फॉरेंसिक टीम के साथ ऑफिसर्स क्लब पहुंची। वहां पर वारदात का नाट्य रूपांतरण भी किया गया। फॉरेंसिक टीम ने डमी के साथ 45 मिनट तक बारीकी से जांच कर वीडियोग्राफी की। गड्ढे की खोदाई करने के बाद पुतले की बनी बॉडी को उसमें डाला। एडिशनल सीपी हरीश चंदर ने बताया कि विमल का डीएम कंपाउंड में आना जाना रहता था। इसी लिए गार्ड ने उससे पूछताछ नहीं की।
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आरोपी जिम ट्रेनर विमल
- फोटो : अमर उजाला
विमल से एकता के परिजनों ने पूछे ये सवाल सवालः कहां से अंदर गए, एकता को कैसे दफनाया? विमल : मेरे पास बड़े गेट की चाभी थी। छोटे गेट से अंदर गया और जाकर गेट खोल दिया। उसके बाद कार अंदर ले गया। फावड़े से पहले से खुदे गड्ढे को गहरा किया, फिर शव को दफना दिया। सवाल : गड्ढा खोदने और हत्या कर शव दबाने में कौन-कौन शामिल था ? जवाब : मैं अकेला था गड्ढा गहरा किया और कार से शव निकाल कर दफना दिया। आसपास कोई नहीं था।
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एकता गुप्ता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सवाल : तुम एकता को लेकर घर की तरफ क्यों गए थे? जवाब : घूंसा मारने के बाद एकता अचेत हो गई थी। मैंने सोचा तबीयत खराब है, घर छोड़ दूं। लेकिन खून ज्यादा बहने पर मैं घबरा गया और रस्सी से गला घोंट दिया। सवाल : एकता के मोबाइल पर कॉल क्यों कर रहे थे? जवाब : वह नाराज थी। मेरी शादी में रुकावट डाल रही थी। कोई रास्ता नहीं दिखा तो मैंने रस्सी खरीद ली। कॉल कर रहा था कि वह आए और मैं उससे मुक्ति पा सकूं। सवालः ग्रीन पार्क में तुम्हारे साथ कौन था? हत्या में तुम किसे बचाने की कोशिश कर रहे हो? जवाब : ग्रीन पार्क में मैं अकेला था। सोचा था कि एकता मान जाएगी, लेकिन वे हंसते हुए बोली- मैं हार नहीं मान सकती, इसलिए उसे मार दिया। किसी को बचा नहीं रहा।
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kanpur murder case
- फोटो : अमर उजाला
पांच माह तक DM के आवासीय परिसर में खड़ी रही विमल की बाइक
इससे पहले, कानपुर में हुए एकता हत्याकांड की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। डीएम के आवासीय परिसर में मौजूद जिस ऑफिसर्स क्लब में एकता का कंकाल मिला, वहीं पर पांच महीने तक हत्यारोपी विमल सोनी की बाइक खड़ी रही। इस दौरान न तो जांच करने वाली पुलिस की नजर उस पर गई और न ही परिसर में तैनात कर्मियों ने ही सवाल किया। बुधवार को कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों की नजर में आने के बाद कोतवाली पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में ले लिया।
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kanpur murder case
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दबाव में है कानपुर पुलिस
दरअसल, ऑफिसर्स क्लब में कंकाल मिलने की बात सामने आने के बाद से ही कानपुर पुलिस दबाव में चल रही है। उसका पूरा फोकस इस बात पर है कि मामले को कैसे भी कर के सिर्फ हत्या, उसके खुलासे और हत्या के कारण तक सीमित रखा जाए। यही वजह है कि पुलिस अबतक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज तक नहीं जुटा सकी है।
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पांच महीने से परिसर में खड़ी रही विमल की बाइक
यही नहीं, परिसर की सघन चेकिंग कर साक्ष्य जुटाने में भी खानापूर्ति की गई। वहीं, डीएम के आवासीय परिसर की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने भी वहां खड़े लावारिस वाहन की खोज-खबर नहीं रखी। इस वजह से पिछले करीब पांच महीने से परिसर में हत्या के आरोपी विमल सोनी की बाइक खड़ी रही। बाइक के अगल-बगल से जांच करने वाले पुलिसकर्मी और परिसर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी बाइक के बारे में पता नहीं किया।
फोटो वायरल हुई तो पुलिस ने बाइक को कब्जे में लिया
बुधवार को जब मीडिया व सोशल मीडिया में बाइक की फोटो वायरल हुई तो आनन फानन बाइक को कब्जे में लेकर पुलिस कोतवाली ले आई। हालांकि पुलिस ने जांच में लापरवाही की बात से इन्कार करते हुए बाइक का वहां खड़ा होना सामान्य बताया है। अधिकारियों का कहना है कि डीएम कैंप ऑफिस आने वाले फरियादियों के दो-चार पहिया वाहन खड़े होते हैं। इसी वजह से विमल की बाइक पर ध्यान नहीं गया। बाइक खराब है, संभव है कि इसी वजह से विमल वहां पर खड़ी कर के चला गया होगा।