कानपुर में आकांक्षा हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। प्रेमी का दोस्त आशीष अपने गांव में महंगी बाइकों से गांव जाता था। इसके अलावा दोस्तों पर खूब रुपये भी खर्च करता था। कानपुर पुलिस बृहस्पतिवार को आशीष के गांव आई थी। हत्या में प्रयुक्त की बाइक में तलाश में घर की तलाशी ली।
यूपी के कानपुर में प्रेमिका आकांक्षा की हत्या करने के बाद शव को सूटकेस में भरकर चिल्ला पुल से यमुना नदी में फेंकने वाले हत्यारे कई थाना क्षेत्रों से होकर गुजरे होंगे। ग्रामीणों में चर्चा है कि हत्यारे बर्रा से कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र से होकर जहानाबाद थाने के रोटी चौराहे आए होंगे। अपने गांव के रास्ते बिंदकी कोतवाली के जोनिहा से ललौली थाने के सामने से चिल्ला यमुना पुल सूटकेश लेकर पहुंचे होंगे।
हत्याकांड में बिंदकी कोतवाली के हरीखेड़ा निवासी सूरज उत्तम और जाफरगंज थाना के देवरी चौकी अंतर्गत खानपुर कदीम निवासी आशीष (20) पकड़े गए हैं। कई साल से सूरज कानपुर में रहकर एक रेस्टोरेंट में नौकरी करता था।
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आरोपी प्रेमी सूरज और आकांक्षा का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूरज चार भाई-बहनों में सबसे छोटा है। बड़ी बहन सोनी की शादी हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, सूरज एक-दो महीने बाद गांव आता रहता था। आशीष तीन साल से कानपुर में रह रहा था। वह कानपुर से गांव में महंगी बाइकों से आता था।
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आरोपी प्रेमी सूरज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में साथियों को शराब पिलाता और खूब रुपये खर्च करता था। यह देखकर गांव के लोग आशीष को किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त मानते रहे। यह भी कहते रहे कि कानपुर में वाहन चोरी आशीष करता है। आशीष के नाम पर महज एक बीघा खेत हैं।
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आरोपी प्रेमी सूरज और उसका दोस्त आशीष
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाइक की तलाश में पुलिस ने पड़ोसियों के घर तक खोजे
कानपुर पुलिस बृहस्पतिवार को आशीष के गांव आई थी। यहां देवरी चौकी इंचार्ज राजकमल यादव के साथ आशीष के घर पहुंची। हत्या में प्रयुक्त की बाइक में तलाश में घर की तलाशी ली। इसके बाद पड़ोसियों के घरों में भी तलाशी लेकर बाइक की खोजबीन की। पुलिस को बाइक खोजने में कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस खाली हाथ लौट गई।
यह थी घटना
कानपुर देहात के रूरा थाना इलाके के सुजनीपुर निवासी विजयश्री की बेटी आकांक्षा (20) अपनी बड़ी बहन के साथ बर्रा में किराये के घर पर रहती थी। आकांक्षा की इंस्टाग्राम पर फतेहपुर के बिंदकी थाना इलाके के हरीखेड़ा निवासी सूरज से साल भर पहले दोस्ती हो गई। आकांक्षा दस माह पहले हनुमंत विहार स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करने लगी।
सूरज का दूसरी लड़की से अफेयर... आकांक्षा को हो गई थी जानकारी
बर्रा स्थित घर से रेस्टोरेंट की दूरी ज्यादा होने का बहाना बनाकर सूरज ने आठ माह पहले आकांक्षा को हनुमंत विहार में किराये पर कमरा दिलवा दिया। 21 जुलाई की शाम को आकांक्षा को सूरज के दूसरी लड़की से प्रेम संबंधों की जानकारी हुई। इस पर रात में कमरे में पहुंचने पर आकांक्षा और सूरज के बीच विवाद हुआ।
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आरोपी आशीष और आकांक्षा का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शव को ठिकाने लगाने के लिए दोस्त की ली मदद
इस पर सूरज ने आकांक्षा की छाती पर ताबड़तोड़ घूंसे मारे और गला दबाकर मार डाला। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए सूरज ने फतेहपुर के जाफरगंज थानाक्षेत्र के खानपुर कदीम निवासी दोस्त आशीष को घर बुलाया। इसके बाद शव सूटकेस में रखकर बाइक से बांदा के चिल्लाघाट लेकर पहुंचे और यमुना में फेंक दिया।
सूरज ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की
मां विजय श्री के अनुसार, हनुमंत विहार थाने में आठ अगस्त को बेटी की गुमशुदगी दर्ज हुई। इसके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मां ने सूरज के खिलाफ 16 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने सीडीआर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी और दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। उसने वारदात भी कबूल कर ली।
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kanpur murder
- फोटो : अमर उजाला
बाइक से शव लेकर 95 किमी दूर बांदा के चिल्लाघाट पर पहुंचा
आरोपी ने बताया कि आकांक्षा शादी का दबाव बना दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी देती थी। इसीलिए उसे मार डाला। शव को सूटकेस में रखकर दोस्त के साथ बाइक से 95 किलोमीटर दूर बांदा के चिल्लाघाट पर पहुंचा। वहां सूटकेस के साथ सेल्फी ली और फोटो को अपने स्टेटस पर लगाया। इसके बाद सूटकेस को यमुना में फेंक दिया।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी सूरज के मोबाइल से फोटो भी बरामद की है। इसके साथ ही शव की तलाश की जा रही है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।