कानपुर में नशे के खिलाफ दो अगस्त से 100 सप्ताह की बड़ी जंग शुरू होने जा रही है। वहीं, शहर में मादक पदार्थों का काला कारोबार इस कदर फैला है कि आसानी से इन्हें खरीदा जा सकता है। हालात यह हैं कि हर दिन दर्जनों किलो गांजे समेत अन्य नशीले पदार्थ शहर की गलियों में खप रहा है। कोचिंग मंडी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र और युवा तक इसके लती हो चुके हैं। खपत बढ़ी तो पुलिस की कार्रवाई भी बढ़ी है। पिछले साल 158 क्विंटल मादक पदार्थ पकड़ा गया।
वहीं, इस वर्ष मात्र सात माह में 250 क्विंटल जब्त हो चुका है। यानी बीते साल जहां औसतन एक दिन में 43 किलो मादक पदार्थ पकड़ा गया वहीं, इस बार अब तक ये आंकड़ा तीन गुना होकर करीब 118 किलो पहुंच गया। फिर भी नशीले कारोबार का नेटवर्क न टूटने से अभी भी शहर में कई हजार किलो नशीले पदार्थों की खपत हो रही है। नशे के लती लोगों की मानें तो सेनपश्चिम पारा, काकादेव, अनवरगंज, किदवईनगर कंजड़नपुरवा, बाबूपुरवा, जूही, चकेरी, रेलबाजार, कर्नलगंज, चमनगंज, बेकनगंज, बजरिया जैसे क्षेत्रों में गांजा आसानी से मिलता है।