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PHOTOS: जानिए आखिर ऐसा क्या नया था कि यात्री इस ट्रेन को देखकर बोले- 'लगा ही नहीं कालका है'

Thu, 04 Oct 2018 08:08 AM IST
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
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कालका मेल - फोटो : अमर उजाला
कानपुरः दिल्ली होकर हावड़ा से कालका के बीच चलने वाली कालका मेल नए रंग रूप और सुविधाओं के साथ बुधवार को पहली बार कानपुर सेंट्रल पहुंची। इस ट्रेन को पर्यावरण संरक्षण की थीम पर तैयार किया गया है। ‘उत्कृष्ट रेक’ वाली कालका मेल भारतीय रेलवे की पहली ट्रेन बन गई है। कानपुर सेंट्रल पर लोग इसे निहारते रहे। इस ट्रेन का उद्घाटन दो अक्तूबर को हावड़ा से हुआ था। तीन अक्तूबर को पहली बार यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची।

 
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कालका मेल - फोटो : अमर उजाला
नीले रंग की जगह इस ट्रेन के सभी कोच हल्के पीले और मैरून रंग पेंट किए गए हैं। इस ट्रेन की रेक (सभी बोगियां) रायबरेली स्थित मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए हैं। कोच के भीतर शानदार रंग-रोगन, और सुंदरीकरण किया गया है। शौचालय में नल की जगह जेट लगाया गया है। हर शौचालय में कूड़ेदान हैं। हाथ धोने के लिए लिक्विड शोप डिस्पेंसर लगा है। टॉयलेट गेट में सेंसर हैं। टॉयलेट का गेट अंदर से बंद होने पर बाहर रेड लाइट जलती है और टॉयलेट खाली होने पर ग्रीन लाइट जलती है। सभी बोगियों की दीवारों को विनायल पेंट से खूबसूरत बनाया गया है। एसी कोच में तापमान बताने के लिए स्क्रीन लगाई गई है।
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कालका मेल - फोटो : अमर उजाला
अंधेरे में बर्थ बताने के लिए हर जगह नीली एलईडी लाइट में बर्थ नंबर चमकते हैं। हर बार यात्रियों को यूज एंड थ्रो वाली चादर और तकिये के कवर दिए गए हैं जो इकोफ्रेंडली कपड़े से तैयार है। कोच में एलईडी लाइटों का प्रयोग करते हुए, दरवाजे के पास अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए ब्रेल लिपि में साइनेज है। पानी की बोतल के लिए होल्डर और ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आरामदायक सीढ़ियां हैं।

 

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कालका मेल - फोटो : अमर उजाला
कानपुर सेंट्रल पर यात्रियों ने इस ट्रेन में सफर करने के दौरान अपने अनुभव बताए। यात्रियों ने कहा कि लगा ही नहीं कि यह कालका मेल है। हावड़ा से आ रहे यात्री रवि ने बताया कि कालका से कई बार आया गया लेकिन उत्कृष्ट कोच वाली यात्री काफी सुविधाओं वाली रही। धनबाद से टूंडला जा रहे एसी-3 कोच के यात्री मोहम्मद आसिफ ने कहा कि सबसे ज्यादा साफ सफाई पर ध्यान है।
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कालका मेल - फोटो : अमर उजाला
हर स्टेशन पर समय से ट्रेन पहुंच रही है। हावड़ा से कालका जा रहे जीएच हालदार और उनकी पत्नी मारुति हालदार ने बताया कि अब उनके लिए कालका से अच्छी कोई ट्रेन नहीं है। इतनी सफाई, इकोफ्रेंडली यूज एंड थ्रो चादर और तकिया कवर का कॉन्सेप्ट सबसे बेहतर रहा है।
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