पीयूष ने कई महीने पहले पत्नी ज्योति की हत्या की साजिश रची थी। दो बार साजिश नाकाम रही। कुछ न कुछ स्थित ऐसी बनी कि वह साजिश के तहत वारदात को अंजाम नहीं दे सका। आखिर में 27 जुलाई 2014 को उसने साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिलाया था। आठ साल तक कोर्ट में ज्योति के परिजनों ने लड़ाई लड़ी। तब न्याय मिला।
बताते चलें कि कानपुर में बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति की 27 जुलाई 2014 को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी ने स्वरूप नगर थाने में लुटेरों द्वारा ज्योति के अपहरण और हत्या की कहानी बताई थी। लगभग 2 घंटे बाद पनकी में ज्योति का खून से लथपथ शव मिला था।