जयपुर में कानपुर की बेटी श्वेता तिवारी व उनके मासूम बेटे श्रीयम की हत्या की सूचना पाकर जब पुलिस, परिजन व पड़ोसी फ्लैट में पहुंचे, तो अंदर का नजारा देख सबकी आंखें भीग गईं। कमरे में बेड पर खिलौने बिखरे पड़े थे और दूध से भरी बोतल रखी थी। श्वेता के परिजनों के अनुसार श्रीयम भूखा था। इसी दौरान उसे व उसकी मां श्वेता को हत्यारों ने मौत के घाट उतार दिया था।
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मां श्वेता के साथ श्रीयम
- फोटो : अमर उजाला
रोहित ने आते ही पूछा, कहां है बेटा
परिजनों के मुताबिक श्वेता जिस यूनिक अपार्टमेंट सोसाइटी के आई ब्लॉक में रहती थी, वहां के ही लोगों ने बताया है कि नौकरानी से हत्या की सूचना मिलते ही वे लोग फ्लैट में पहुंचे थे। जब रोहित वहां आया, तो उसने आते ही पूछा था कि बेटा कहां है।
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श्रीयम का शव गोद में लिए नाना
- फोटो : अमर उजाला
शव देख बोला...आई एम सॉरी श्वेता
जब रोहित ने श्वेता का शव देखा, तो वह तीन बार बोला श्वेता आई एम सॉरी। यह सुनकर वहां मौजूद लोगों को हैरत भी हुई। रोहित के चार-पांच दोस्त भी पहुंचे। रोहित ने बताया कि वे उसके दिल्ली के साथी है। एक बार उसने मोबाइल के पावर बैंक के बारे में भी पूछा। यह भी बताया जा रहा है कि दोपहर के वक्त रोहित लंच के लिए अपने फ्लैट पर आया था, लेकिन इसके बाद वह चला गया।
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कुछ इस हाल में मिली थी श्वेता की खून से सनी लाश
- फोटो : अमर उजाला
खून के धब्बे धोने के मिले सबूत
एफएसएल टीम को फ्लैट के कमरों में खून से सने कपड़े भी बरामद हुए हैं। साथ ही कमरे में रखी प्लास्टिक टेबल, दीवार के कोने पर भी खून के धब्बे मिले है। अंदेशा है कि किसी परिचित ने पहले श्वेता के साथ चाय पी। फिर दोनों को मौत के घाट उतारकर खून के धब्बे साफ किए।
श्वेता को पहले से थी अनहोनी की आशंका
श्वेता की बड़ी बहन सपना ने बताया कि करीब पांच महीने पहले रोहित से विवाद के बाद श्वेता ने उनको फोन किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि लगता है कि मेरे साथ कुछ गलत होगा। अगर मैं न रहूं तो मेरे बेटे को तुम अपने पास रखकर पालन-पोषण करना।