हादसे के बाद राजकीय मेडिकल कालेज पहुंचे घायल हादसे को याद कर सिहर उठते हैं। इनका कहना है कि हादसे के बाद का मंजर वह पूरी जिंदगी नहीं भुला पाएंगे। आसपास के ग्रामीण किसी फरिश्ते से कम नहीं थे। इनकी वजह से कई लोगों की जान बच सकी।
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बस हादसे में झुलसी अस्पताल में भर्ती रेखा
- फोटो : अमर उजाला
भिड़ंत के बाद स्लीपर में बैठी सवारियां नीचे गिरीं
शास्त्री नगर निवासी दिनेश यादव की पत्नी रेखा (35) छिबरामऊ से बस पर सवार हुईं। बस ने कुछ दूरी तय करने के बाद रफ्तार पकड़ी थी कि टक्कर से ऊपर बैठी सवारियां नीचे गिर गईं। वह गेट के समीप सीट पर बैठी थीं। गेट से बाहर निकलने के लिए आपाधापी मची हुई थी। इस दौरान वह भी बाहर निकल आईं।
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कन्नौज बस हादसे में घायल सवारी को चेक सौंपते मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
जान की परवाह किए बगैर की मदद
जयपुर के ईदगाह गल्ला गेट निवासी इकबाल का बेटा सोहेल (20) छिबरामऊ से बस पर सवार हुआ। वह अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था। वह मोबाइल चला रहा था। उसकी सीट के पास एक महिला व बच्चा बैठा था। इन्होंने खुद की जान की परवाह किए बिना दोनों को शीशा तोड़कर खिड़की से बाहर निकाला। इसके बाद आग की लपटें बढ़ गईं। वह इनसे घिर गए।। काफी मुश्किल से खिड़की से बाहर कूद पाए। इससे चोटें भी आई हैं।
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बस हादसे में झुलसा युवक
- फोटो : अमर उजाला
शीशे टूटने से निकल पाए बाहर
सदर कोतवाली की नई बस्ती मुकरी टोला निवासी सलमान (30) पुत्र मुश्ताक, लईक (20) पुत्र जमील अहमद हादसे के दौरान बस में सो रहे थे। आग की लपटों से चीख-पुकार मच गई। इस दौरान बाहर से लोगों ने बस के शीशे तोड़ दिए। इससे वह कूदकर बाहर निकल सके।
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अस्पताल में भर्ती बस हादसे में झुलसे लोग
- फोटो : ANI
खौफनाक मंजर से निकले, पीछे मुड़कर नहीं देखा
हरदोई जनपद के जरौली नवादा बिलग्राम निवासी रामप्रकाश (45) ने बताया कि वह हादसे के दौरान बस में जाग रहे थे। अचानक भीषण टक्कर की आवाज सुनाई पड़ी। कुछ ही देर में बस को आग की लपटों ने घेर लिया। अचानक खिड़की का शीशा टूटने पर वह कूदकर बाहर निकले।
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बस हादसे में झुलसा
- फोटो : अमर उजाला
गेट के पास होने से जल्द निकल सके बाहर
छिबरामऊ के नगलाजयश्री निवासी तुलाराम के बेटे ब्रजमोहन (22) ने बताया कि वह छिबरामऊ से बस में सवार हुए थे। कुछ ही दूर बस चल पाई थी कि अचानक हादसा हो गया। वह गेट के पास ही बैठे हुए थे। इससे बस से बाहर निकल आए।
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बस हादसे में झुलसा युवक
- फोटो : अमर उजाला
स्लीपर से रोड पर लगा दी छलांग
छिबरामऊ निवासी शैलू खान के बेटे आजम खां (27) ने बताया कि वह बस के अंदर स्लीपर में बैठे हुए थे। आग ने बस को चारों तरफ से घेर लिया था। मौत उनके सामने खड़ी थी। पता नहीं कैसे उनकी सीट के पास की खिड़की का शीशा टूट गया। इसके बाद उन्होंने ऊपर से ही रोड पर छलांग लगा दी। इससे जान बच गई।
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बस हादसे में झुलसी युवती
- फोटो : अमर उजाला
...लगा अब शायद ही बच पाएंगे
तालग्राम निवासी अफसार (35) पुत्र अख्तर, आमीन (33) पुत्र मुश्ताक ने बताया कि अल्लाह ने उनकी हिफाजत कर दी। मौत का मंजर देखकर एक बार लगा कि अब शायद ही बच पाएंगे। अचानक उनकी सीट के पास लगी खिड़की के शीशे टूट गए। वह बाहर निकल आए। कूदने से चोटें भी आई हैं।
बस के अंदर मची थी चीख पुकार
फतेहपुर जसोदा निवासी हरगोविंद के बेटे पंकज कुमार (27) ने बताया कि वह जयपुर में सिलाई का काम करते हैं। वापस जयपुर जा रहे थे। हादसे के दौरान वह मोबाइल देख रहे थे। बस का शीशा टूटने पर वह खिड़की से बाहर निकल सके। बस के अंदर लोग चीख-चिल्ला रहे थे।