फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महोबा गाेलीकांड: एसआईटी जांच से इंद्रकांत के परिजन असंतुष्ट, खुलासे से नामजद अभियुक्तों को मिली राहत

Mon, 28 Sep 2020 10:47 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
विज्ञापन
1 of 5
इंद्रकांत त्रिपाठी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
महोबा के इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में एसआईटी द्वारा एक सप्ताह तक विभिन्न बिंदुओं पर की गई जांच पड़ताल के बाद क्रशर कारोबारी इंद्रकांत को ही आत्महत्या का दोषी माना। जिससे नामजद अभियुक्तों को राहत मिल गई है। कारण आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में मात्र सात साल की सजा का प्रावधान है।

 
विज्ञापन

2 of 5
इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार - फोटो : amar ujala
कस्बा कबरई के जवाहर नगर निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को आठ सितंबर को गोली लगने के बाद उसे रिजेंसी कानपुर में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी मौत हो गई थी। इंद्रकांत की मौत के बाद मामला हाई प्रोफाइल हो जाने के कारण शासन ने क्रशर कारोबारी की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया।

 
विज्ञापन

3 of 5
वायरल हो रहा है इंद्रकांत का फेसबुक पोस्ट - फोटो : amar ujala
महोबा आई एसआईटी ने आठ दिन तक जांच पड़ताल कर क्रशर कारोबारी मामले का खुलासा कर इंद्रकांत को ही खुदखुशी का जिम्मेदार माना। अब आत्महत्या का मामला प्रकाश में आने के बाद नामजद अभियुक्तों पर दर्ज किए गए हत्या के मुकदमे की धाराएं हटने के आसार बढ़ गए हैं। जिससे अब अभियुक्तों को राहत मिल गई है।

 

4 of 5
इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
हत्या में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। यदि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराएं लगती हैं तो धारा 306 में सात साल की सजा का प्रावधान है। हालांकि दोनों धाराओं में जमानत जिला मुख्यालय के बजाय हाई कोर्ट से ही होगी लेकिन यदि हत्या की धारा 306 में परिवर्तित होती है तो अभियुक्तों को कम सजा भुगतनी पड़ेगी।इंसेट

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
छावनी बना महोबा - फोटो : amar ujala
एसआईटी के खुलासे से परिजन असंतुष्ट
एसआईटी के खुलासे पर मृतक के भाई रविकांत त्रिपाठी ने असंतोष जताते हुए डीजीपी को पत्र भेजकर एसपी से ऊपर स्तर के अधिकारी से जांच कराए जाने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया कि तत्कालीन एसपी पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी एसआईटी ने आजतक न तो पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार से न कोई पूछताछ की और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की। उल्टा उन्हें कोरोना के बहाने क्वारंटीन बताकर छूट दे दी। पत्र में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें