इटावा के आसमान में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय वायु सेना का गगन शक्ति-2018 का अभ्यास सत्र सैफई हवाई पट्टी पर शुरू हो गया है। सैफई में इस तरह का अभ्यास पहली बार हो रहा है। सोमवार को हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमान का बेड़ा उतारा गया। इसमें सुरक्षा और आक्रमणकारी विमानों को रखा गया है।
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सुखोई 30 एमकेआई
अभ्यास में सुखाेई 30-एमकेआई लड़ाकू विमान को हवा में उड़ाकर मिड- ए- फ्यूलिंग (बगैर लैंडिंग के आसमान में एक जहाज से दूसरे जहाज में ईधन लेने की प्रक्रिया) का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें ट्रांसपोर्ट एयरक्रॉप्ट हरक्यूलिस सी-130 को भी शामिल किया गया है। भारतीय वायुसेना का जैसलमेर में अभ्यास गगन शक्ति -2018 चल रहा है। इसी के तहत सैफई हवाई पट्टी पर भी अभ्यास किया जा रहा है।
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सुखोई 30 एमकेआई
इसके लिए 13 अप्रैल की शाम ही वायु सेना के 60 जवान यहां पहुंच गए हैं। इन्हें पहले दिन उत्तर प्रदेश चिकित्सा विश्वविद्यालय में ठहराया गया। इन जवानों ने तीन दिन हवाई पट्टी की व्यवस्थाओं का ठीक किया। इसके बाद सोमवार शाम हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों का बेड़ा उतारा गया। वायुसेना के विंग कमाडंर अरविंद सिन्हा ने बताया कि अभ्यास में सू-30 एमकेआई फाइटर प्लेन और ट्रांसपोर्ट एयर क्रॉफ्ट हरक्यूलिस को शामिल किया गया है।
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सुखोई 30 एमकेआई
अभ्यास में सात विंग को शामिल किया गया है। फिलहाल उन्होंने गोपनीयता का हवाला देकर अभ्यास व लड़ाकू विमानों की संख्या बताने से मना कर दिया है। इतना जरूर बताया कि यह अभ्यास 22 तक चलेगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना अपने संसाधनों, इमरजेंसी कार्यों और तकनीकी को परखती है। इसी के तहत सैफई हवाई पट्टी पर अभ्यास किया जा रहा है।
अभ्यास की जानकारी सिर्फ वायुसेना के अफसरों को है। हवाई पट्टी का खुला प्वाइंट होने की वजह से वायुसेना ने विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। हवाई जहाजों के आने से ग्रामीणों की भीड़ उमड़ने का खतरा बन सकता है। इसको देखते हुए वायु सेना ने पांच किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित कर दिया है। वायुसेना के विंग कमांडर अरविंद सिन्हा ने बताया कि अभ्यास के दौरान लड़ाकू विमान 200 से 300 बार शॉर्टी करेंगे(एक बार उड़ान भरने के बाद उतरने वाले फाइटर प्लेन को एक शॉर्टी कहते हैं)। आसमान में बचाव और हमला करने के तरीकों का अभ्यास होगा।