फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्ता की हनक के आगे घुटने टेकता प्रशासन और धड़ल्ले से लुटते पहाड़, कुछ ऐसी कहानी है इस जिले की

Mon, 29 Jan 2018 11:48 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
शासन की रोक के बाद भी बांदा जिले में धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। लेकिन पुलिस और प्रशासन खामोश है। पट्टों की समयावधि खत्म हो जाने के बाद पहाड़ पट्टा धारकों ने पहाड़ों पर काम बंद कर दिया है। 
 
 
विज्ञापन

2 of 6
डेमो पिक
पहाड़ों को खाली देख सत्ता पक्ष के लोगों ने पहाड़ों पर कब्जाकर दिन रात अवैध खनन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा अवैध खनन पत्थर मंडी डहर्रा में चल रहा है। 


 
विज्ञापन

3 of 6
डेमो पिक
उल्लेखनीय है कि अवैध खनन को लेकर सीबीआई तक जांच पड़ताल में जुटी है। लेकिन यहां के अधिकारियों को सीबीआई का भी खौफ नहीं है। जबकि सीबीआई की टीम जिले की सीमा से सटे हमीरपुर जनपद में कई बार आ चुकी हैं।

 

4 of 6
डेमो पिक
खनिज विभाग के अधिकारी जान बूझकर चेकिंग अभियान नहीं चला रहे हैं। जिससे अवैध खनन का धंधा फल फूल रहा है।


 
विज्ञापन

5 of 6
धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
जिले में 400 से ज्यादा पहाड़ों के पट्टे थे लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद उनका नवीनीकरण न किए जाने से करीब 300 पट्टें बंद हो गए। लगभग 125 वैध पट्टे हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
खनिज अधिकारी ए के सेन का कहना है कि उनके पास स्टाफ की भारी कमी होने के कारण वह पहाड़ों की चेकिंग नहीं कर पा रहे हैं और सूचना मिलने पर पहाड़ तक पहुंचने से पहले ही खनन कर रहे लोग भाग जाते हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें