आईआईटी कानपुर में छात्रों को साफ-सुथरा खाना नहीं मिल रहा है। इस बात का खुलासा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है।
एफएसएसएआई ने जनवरी 2018 में देश के 12 उच्च शिक्षण संस्थानों में शिकायत मिलने के बाद ऑडिट किया था।
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इसमें केवल आईआईएम अहमदाबाद और आईआईटी रुड़की पास हुए हैं। बाकी सभी शिक्षण संस्थान फेल हो गए हैं, जिसमें आईआईटी कानपुर, आईआईटी बांबे, आईआईटी गुवाहाटी, दिल्ली, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईटी चेन्नई जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आईआईटी गेस्ट हाउस किचन, कैंपस किचन और कैफेटेरिया में भी गंदगी पाई गई।
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टीम ने किचन के डिजाइन, उपलब्ध सुविधाओं, रखरखाव, खाना बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे बर्तन व उपकरण, खाद्य पदार्थ बनाने का तरीका, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे बिंदुओं पर इन संस्थानों का भी ऑडिट किया। रिपोर्ट के मुताबिक इन संस्थानों के किचन में साफ-सफाई का ख्याल नहीं रखा जाता है।
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मामले में संस्थान के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल का कहना है कि एफएसएसएआई की ऑडिट रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा। जहां भी कमियां मिलेंगी, उसे दूर करने के लिए संबंधित हॉस्टल के वार्डन और डीन स्टूडेंट अफेयर्स को निर्देशित किया जाएगा।
चार फरवरी को आईआईटी के हॉल-12 में खराब क्वालिटी का दूध पीने से 250 आईआईटीयंस बीमार पड़ गए थे। घटना सामने आने के बाद संस्थान प्रशासन ने खाद्य पदार्थ की क्वालिटी मॉनीटर करने के लिए एक टीम का गठन कर दिया था। इसके अलावा खुले दूध पर प्रतिबंध भी लगा दिया है।