उत्थान एंटरप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव के समापन समारोह में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि कानपुर के किसी भी कॉलेज के छात्र अगर अच्छा स्टार्टअप आइडिया लेकर आते हैं तो आईआईटी उन्हें पूरी मदद करेगा। उन्हें सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के जरिए फंड दिया जाएगा और कंपनी स्थापित करने में मदद की जाएगी।
प्रो. करंदीकर ने छात्रों को उद्यमिता की ओर अग्रसर होने के लिए कहा। बोले, नौकरी के पीछे भागने की बजाय नौकरी देने वाला बनने की कोशिश करो। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट में रिसर्च पार्क स्थापित किया जाना है। इसके लिए भी एक नई नॉन प्रॉफिटेबिल कंपनी की शुरूआत की जाएगी। इस कंपनी के जरिए इनोवेशन, रिसर्च और उद्यमिता को बढ़ाया दिया जाएगा। इस कंपनी के जरिए भी हर किसी को स्टार्टअप शुरू करने के लिए मदद दिलाई जाएगी। समारोह की अध्यक्षता कर रहे हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने भव्य आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एचबीटीयू स्टार्टअप का एक बड़ा केंद्र होगा। प्रो. सिंह ने उत्थान के मंच से घोषणा की कि जल्द ही विश्वविद्यालय के नियमों में बदलाव करके थर्ड और फोर्थ ईयर के उन छात्रों को अकादमिक गतिविधियों से छुट्टी देने का प्रावधान कर लिया जाएगा जो खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।
उत्थान एंटरप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव
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छात्रों को कंपनी शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय में सारी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी। संचालन डॉ. एसके गुप्ता ने किया। इस दौरान डीन इंक्यूबेशन सेंटर एचबीटीयू प्रो. कृष्णराज, प्रति कुलपति प्रो. करुणाकर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला, प्रो. आरके त्रिवेदी, एआईटीएच की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, यूपीटीटीआई के निदेशक प्रो. मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
आईआईटी में स्थापित होगा सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट
निदेशक प्रो. करंदीकर ने बताया कि देश के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए आईआईटी में जल्द ही सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट स्थापित किया जाएगा। इसमें एचबीटीयू को भी पाटर्नर बनाया जाएगा। इस सेंटर के जरिए सामाजिक विकास के लिए वैज्ञानिक, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे।
रिसर्च के लिए एक होंगे एचबीटीयू और आईआईटी
एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने कहा कि रिसर्च के क्षेत्र में जल्द ही आईआईटी और एचबीटीयू के वैज्ञानिक मिलकर काम करेंगे। प्रो. सिंह ने कहा कि इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच इसको लेकर एमओयू साइन किया जाएगा।