यूपी के इटावा में एक अनाेखा मामला सामने अाया है। यहां एक व्यक्ति अपनी जिंदा पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर उसके खाते में जमा रकम निकालने के लिए डाकखाने पहुंच गया पर वहां जाे कुछ भी हुअा वह काफी हैरान कर देने वाला था। जानिए क्या है पूरा मामला।
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जसवंतनगर ब्लाक के ग्राम महलई में ग्राम पंचायत सचिव ने एक महिला को मृत घोषित कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। प्रमाणपत्र लेकर उसकी पति उसके नाम जमा धनराशि लेने पहुंच गया। वहां छानबीन होने पर पता चला कि महिला तो जिंदा है। यह प्रमाणपत्र फर्जी बनवाया गया है। रूपा देवी पत्नी राजेंद्र ने बताया कि पति से विवाद होने पर वह कुछ दिन के लिए वह अपने मायके चली गई थी।
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इसी बीच उसके पति राजेंद्र सिंह पुत्र रामसनेही ने उसके नाम से संबंधी पंचायत सेक्रेटरी महेश सिंह से मिलकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र शहाना, सीएमएस जन सेवा केंद्र से 15 जनवरी को जारी करा लिया। पति फर्जी प्रमाणपत्र लेकर रेलमंडी में स्थित डाकखाने में जमाधन राशि निकालने पहुंच गया।
उसी दिन उसका पुत्र सोनू उर्फ जितेंद्र भी उसके खाते में कुछ रुपये जमा कराने पहुंच गया। डाकखाने के कर्मचारियों ने पुत्र से पूछा कि क्या तुम्हारी मां की तो मृत्यु हो गई है। इस पर वह भौचक्का रह गया। उसने बताया कि उसकी मां तो घर पर हैं। 4 वर्ष पूर्व उसने 200 रुपये प्रतिमाह की आरडी खोली थी। जिसमें वाे पैसे जमा करने अाया था।