कुछ माता-पिता बेटियों को भले ही घरों तक ही सीमित रखते हों, मगर एक बेटी ऐसी भी है, जिसने माता-पिता का भरोसा जीता और ईवा इंडिया के कार्यक्रम में मिस टूरिज्म का खिताब जीत कर सफलता की एक नई कहानी लिखी है। होटल की नौकरी छोड़ कैसे मिस टूरिज्म का खिताब जीत न सिर्फ माता-पिता का मान बढ़ाया बल्कि फर्रुखाबाद का भी नाम रोशन किया है।
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शैफाली दुबे ने जीता मिस टूरिज्म का खिताब
- फोटो : अमर उजाला
शहर के साहबगंज चौराहा निवासी दीपक दुबे की पुत्री शैफाली दुबे ग्रेटर नोएडा में जॉब करती हैं। साधारण परिवार में जन्मी शैफाली के पिता का मेडिकल स्टोर है और मां इंदू दुबे एक गृहिणी हैं। शुरुआती दौर से ही बेटी की प्रतिभा को देख मां ने हर पल उसे प्रेरणा दी।
इसी का नतीजा रहा कि शैफाली ने कनौडिया कालेज से इंटरमीडिएट और डीएन पीजी कालेज से बीकॉम तक की शिक्षा ग्रहण कर ली। मां की प्रेरणा से ही वह ग्रेटर नोएडा में होटल में जॉब करने लगीं। 27 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा में ईवा इंडिया की ओर से फैशन शो का आयोजन किया गया।
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नौकरी छोड़ प्रतियोगिता में लिया भाग
- फोटो : अमर उजाला
इसमें ‘मिस टूरिज्म’ टाइटिल में शैफाली ने भाग लिया। इसमें देश भर के सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें सवाल-जवाब के साथ कैटवॉक भी हुई। तीन राउंड में से शैफाली ने दो राउंड में सफलता हासिल कर ली। इसी के चलते उसे मिस टूरिज्म के खिताब से नवाजा गया।
कुछ कर गुजरने की चाह रखती हैं शैफाली
- फोटो : अमर उजाला
शैफाली की इस उपलब्धि की सूचना जब परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को मिली, तो फोन पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। शैफाली ने फोन पर बताया कि वह आगे भी आगे बढ़ने का निरंतर प्रयास करती रहेंगी। मां की प्रेरणा और पिता के भरोसे ने मुझे ऊंचाइयां प्रदान की हैं। सफर यहीं तक रुकने वाला नहीं है।