चैत्र नवरात्र से वैदिक नववर्ष की शुरूआत होती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र 18 मार्च से प्रारम्भ हो रहे हैं। जबकि पहली जनवरी को मनाया जाने वाला नववर्ष अंग्रेजी नववर्ष है। पं. नरेंद्र शास्त्री बता रहे हैं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में ...
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चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व
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हिंदू नववर्ष 2018
- सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रम संवत का पहला दिन प्रारम्भ होता है।
- विक्रमा दित्य ने राजा महाकाल की नगरी उज्जैन में मध्यप्रदेश में यह संवत पर्व शिप्रा नदी तट पर मनाया था।
- इसी दिन लगभग 1960853119 वर्ष पूर्व सूर्योदय के साथ ईश्वर ने सृष्टि की रचना प्रारम्भ की।
- प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक इसी दिन हुआ था।
- स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन को आर्य समाज की स्थापना दिवस के रूप में चुना।
- युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी इसी दिन हुआ।
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वैदिक नववर्ष का प्राकृतिक महत्व
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हिंदू नववर्ष 2018
- वसंत ऋतु का आरम्भ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है। जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंध से भरी होती है।
- फसल पकने का प्रारंभ, किसानों की मेहनत का फल मिलने का भी यही समय होता है।
- वेद आदि शास्त्रों के स्वध्याय का संकल्प लें।
- घरों एवं धार्मिक स्थलों पर हवन यज्ञ आदि का आयोजन करें।
- हिंदू नववर्ष के बारे में लोगों को बताएं। एक दूसरे को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दें।
- घरों में मां लक्ष्मी, मां काली व मां सरस्वती का पूजन करें।