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भीषण ठंड में मौत की वजह बन रहा हार्ट और ब्रेन अटैक, चक्कर आने के बाद दम तोड़ रहे लोग

Fri, 17 Jan 2020 01:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में लगातार बारिश से बढ़ी ठंड - फोटो : अमर उजाला
जाड़े के मौसम में ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने से लोगों पर हार्ट और ब्रेन अटैक का खतरा बना हुआ है। लोगों की अचानक तबियत बिगड़ती है और सांस में तकलीफ होने लगती है। चक्कर आने के बाद मौत हो जा रही है। गुरुवार को 12 लोगों की मौत हो गई। इसमें हार्ट अटैक से छह, ब्रेन अटैक से चार और दो सीओपीडी के रोगियों की मौत हो गई है।

 
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बारिश से बढ़ी ठंड। - फोटो : अमर उजाला।
इसके अलावा ब्रेन हेमरेज के रोगियों को गंभीर हालत में हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इसी तरह सीने के दर्द के लक्षण के साथ एंजाइना के रोगियों का कार्डियोलॉजी में भोर से सिलसिला शुरू हो गया। निजी कंपनी में नौकरी करने वाले रामबाग के सोनू मिश्रा (35) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सोनू अपने आफिस में रहे हैं। उनकी अचानक तबियत बिगड़ी।

 
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ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
घबराहट और उल्टी हुई। उनके साथ सोनू को लेकर कार्डियोलॉजी गए। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसी तरह मंधना के रामसेवक (55), नानकारी क्षेत्र के राजेंद्र कुमार (56), रावतपुर की किश्वरी (48), फजलगंज की रेनू (52) और काकादेव के नितेश (49) की हार्ट अटैक से मौत हुई। उन्हें क्षेत्रीय डाक्टरों के यहां से कार्डियोलॉजी भेजा गया। लेकिन बीच में ही सांसें थम गईं।

 

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ठंड में कुछ इस तरह दिखे लोग। - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह कल्याणपुर के राजा (52), गोविंदनगर के भूपति (63) और किदवईनगर के विनीत (48) का ब्लडप्रेशर अचानक बढ़ गया। इसके बाद बेहोशी आ गई। कुछ देर बाद मौत हो गई। रोगियों को हैलट इमरजेंसी लाया गया लेकिन मौत हो गई। चमनगंज के जर्रार (56) को ब्रेन अटैक पड़ा। उन्हें उर्सला ले जाया गया लेकिन मौत हो गई। इसी तरह जाजमऊ के विकास (52) और दादा नगर के अशोक कुमार (66) की सीओपीडी से मौत हुई। इनका इलाज डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर चल रहा था ।

 
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बारिश से बेरहम हुआ मौसम, बढ़ी ठंड - फोटो : अमर उजाला
प्लेटलेट्स के अधिक सक्रिय होने से जमते थक्के
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार का कहना है कि दिल की धमनियां सिकुड़ने से दिल में खून का संचार और आक्सीजन कम होने लगती है। इसके साथ ही प्लेटलेट्स अधिक सक्रिय और चिपचिपे हो जाते हैं जिससे खून का थक्का जमने का खतरा बढ़ जाता है। सर्दियों में लोग अधिक समय घर के अंदर रहते हैं। इससे विटामिन डी की कमी हो जाती है। धूप सेंकना जरूरी होता है।

यह न करें
चीनी, ट्रांस फैट, सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला भोजन कम लें। 

यह करें
अलसी, तिल, हरी सब्जियां, गर्म सूप, ग्रीन टी, फल, भीगे हुए बादाम का सेवन करें। व्यायाम करें, तनाव न लें, कोहरे में निकलने से बचें।

सावधानी
सीने में हल्की सी बेचैनी, पसीना, चक्कर, अचानक सांस फूलने को नजर अंदाज न करें। 
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