अमृता ने स्कूल के दौर में भी तीन बार खुदकुशी करने की सोची थी। पर, उस वक्त उसकी हिम्मत नहीं पड़ी थी। इस बात का जिक्र सुसाइड नोट में किया है। तब अमृता ने इस बारे में परिजनों या अन्य किसी को भी नहीं बताया था।
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एमबीबीएस छात्रा की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि सुसाइड नोट में अमृता ने लिखा है कि जब वह सातवीं कक्षा में थी तो जीके की मौखिक परीक्षा हुई। इस दौरान वह खुद को बहुत डरा व तनाव में महसूस कर रही थी। उसने खुदकुशी करने की सोची थी। फिर जब वह दसवीं कक्षा में पहुंची तो सोशल साइंस विषय की तैयारी बेहतर नहीं थी।
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अमृता सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान वहां एक शिक्षक ने उसको पढ़ाई में काफी मदद की। जिससे उसकी परीक्षा बेहतर हुई। जिसके बाद उसने खुदकुशी नहीं की। 12वीं कक्षा की बारी आई तो अमृता को लग रहा था कि उसका फिजिक्स विषय तैयार नहीं है। अगर वह उसमें फेल हो जाएगी तो खुदकुशी कर लेगी। मगर जब परिणाम आया तो वह पास हो गई थी। इसलिए उसने खुदकुशी नहीं की।
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एमबीबीएस छात्रा की मौत का मामला
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अगला जन्म होगा भी या नहीं...
एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जब भी अमृता परेशान रहती थी तो उसकी रूम पार्टनर उसको समझाने का प्रयास करती थी। वह कुछ देर तक ठीक रहती थी लेकिन बाद में वह फिर तनाव में आ जाती थी।
मौके पर मौजूद मेडिकल छात्र व पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अमृता ने मम्मी-पापा के लिए सुसाइड नोट में लिखा है कि किस्मत अभी भी नहीं है, पर किस्मत रहने भी नहीं देती है। अगला जन्म होगा भी या नहीं। अगले जन्म में आप जैसे माता-पिता व परिवार मिलेगा भी या नहीं।