जीएसटी दुनिया की सबसे बेहतर कर प्रणाली है। इसे सकारात्मक तरीके से लें और अपनाने में तेजी लाएं। 30 जून तक ही इसका विरोध जायज था। अब जो कारोबारी इसे अपनाने में देरी करेगा वह आने वाले समय में मुश्किल में पड़ेगा। टैक्स सलाहकार अपने क्लाइंटों को इसके लिए सजग करें। यह बात शनिवार को कानपुर के जाने माने चार्टर्ड एकाउंटेंट धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने मर्चेंट चैंबर सभागार में कही।
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यहां सीए डे के मौके जीएसटी पर जागरूकता संबंधी कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान उन्होंने अन्य चार्टर्ड एकाउंटेटों और कारोबारियों को जरूरी टिप्स भी दिए। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया की सेंट्रल रीजनल काउंसिल के चेयरमैन दीप कुमार मिश्र ने इसकी अध्यक्षता की।
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टैक्स मामलों के जानकार एडवोकेट संतोष कुमार गुप्ता व वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विशाल पुंडीर ने सवालों के जवाब दिए। सीए संस्थान के निदेशक के संबोधन का यहां प्रोजेक्टर के जरिये प्रसारण किया गया। इस दौरान एमएलसी अरुण पाठक, मर्चेंट चैंबर से वीके लाहोटी, अविनाश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव के टिप्स
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सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव के टिप्स
- टैक्स सलाहकार अपने क्लाइंट का रजिस्ट्रेशन चेक कर लें। जो कागजात अधूरे हों या कमियां बताई गई हैं उन्हें जल्द पूरा करा दें।
- कारोबारी को हर हाल में टैक्स इनवॉइस जारी करनी चाहिए। भले ही वह व्यापारी को माल बेचे या ग्राहक को।
- सप्लायर को जीएसटीएन नंबर जरूर दें, वरना वह व्यापारी को अनरजिस्टर्ड मान सकता है।
- बिल ऑफ सप्लाई उसी माल के लिए जारी होगा जो जीएसटी में कर मुक्त होगा।