कानपुर के शास्त्रीनगर का बड़ा सेंट्रल पार्क एक मई को ऐतिहासिक विवाह समारोह का गवाह बना। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रम विभाग की ओर से आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 374 श्रमिकों की बेटियों का विवाह हुआ। इसमें से 11 जोड़ों का निकाह पढ़ा गया। एक विधवा का भी घर बसा। समारोह में 434 जोड़ों को विवाह के लिए बुलाया गया था।
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374 ने थामा एक दूसरे का हाथ
सामूहिक विवाह समारोह के लिए सेंट्रल पार्क में भव्य पंडाल सजाया गया था। जोड़े अपने परिजनों के साथ सुबह से ही पहुंचने लगे थे। सुबह 8:30 बजे एक साथ 374 दूल्हों की बारात वेलफेयर सेंट्रल पार्क से उठी और विवाह स्थल पर पहुंची। यहां पर हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए थे। एक ओर वेदी बनाई गईं थीं।
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मुस्लिम महिलाअाें ने भी पढ़ा निकाह
इनमें गायत्री परिवार के महिला और पुरुष पुरोहितों ने रीति-रिवाज के साथ विवाह कराया। वहीं शहरकाजी मतीनुल हक ओलामा काजमी ने 11 जोड़ों का निकाह पढ़ाया। विवाह समारोह के बाद मुख्य अतिथि श्रम एवं रोजगार मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने 11 जोड़ों को मंच पर बुलाकर आशीर्वाद दिया। उपश्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि जो बेटियां शादी में नहीं आ पाई हैं, उनके परिजनों का अब योजना का लाभ नहीं मिलेगा।