पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शैक्षिक दस्तावेज खोजने के लिए राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति और प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने भी एलान कर दिया है। राज्यपाल ने कहा कि समाचार पत्र के जरिये उनके संज्ञान में यह बात आई है। कहा कि वैसे तो उन्हें किसी डिग्री का मोह नहीं था लेकिन उनके दस्तावेज मिलना जरूरी है। इसके लिए वह आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति से वार्ता करेंगे। बताते चलें कि अमर उजाला ने अटल जी के दस्तावेज गायब होने का खुलासा किया था।
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राज्यपाल रामनाईक
- फोटो : डेमो
राज्यपाल ने बुधवार को कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अटल जी विराट व्यक्तित्व के धनी थे। अटल जी का कानपुर से बेहद खास रिश्ता था। युवा अवस्था में उन्होंने यहीं के कॉलेज और गलियों से राष्ट्रवाद व राष्ट्रभक्ति सीखी थी। राजनीति का पाठ भी कानपुर ने ही उन्हें पढ़ाया।
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राज्यपाल राम नाईक
- फोटो : amar ujala
राज्यपाल ने कहा कि शुरू में जब जनसंघ को उम्मीदवार नहीं मिलते थे तब अटल जी एक साथ तीन-तीन जगहों से चुनाव लड़ते थे। चुनाव हारा भी लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी और बाद में वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। परमाणु परीक्षण करवाकर उन्होंने देश का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। वाजपेयी जी ने ही देश में जय जवान, जय किसान के साथ जय विज्ञान का नारा दिया ताकि देश प्रगति की राह पर बढ़ सके।
आजम-अमर विवाद पर बचते रहे
राम नाईक पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और अमर सिंह के विवाद पर किसी तरह का बयान देने से बचते रहे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमर सिंह राज्यसभा के सदस्य हैं। उन्होंने मुझसे मुलाकात के लिए समय मांगा था। मैंने उन्हें बुलाया है। उनकी बातें सुनने के बाद देखूंगा कि आगे क्या करना है।