विश्व विख्यात गजल गायक पंकज उधास ने कहा है कि फिल्मों में आज के दौर में गजल की अनिवार्यता है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। नई फिल्मों में वह बात नहीं है जो पुरानी फिल्मों में थी। आज की फिल्मों में भी गजलों का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने शनिवार की शाम इटावा महोत्सव में गजल कार्यक्रम पेश करने से पूर्व पत्रकारों से बातचीत की।
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गजल गायक पंकज उधास
पंकज उधास ने बताया कि वह 2018 में अपना नया प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। एक टीवी शो भी शुरू करने जा रहे हैं, जिसके जरिये लोगों का रुझान गजलों की ओर मोड़ा जा सके। पंकज उधास ने कहा कि मेट्रो सिटी के लोग इंग्लिश ज्यादा बोलते हैं इसलिए ही गजलों से दूर होते जा रहे हैं। साथ ही कहा कि हिंदी और उर्दू में कोई भेद नहीं है। यंगस्टर का झुकाव गजल की ओर न होने पर उन्होंने बताया कि यू ट्यूब इत्यादि की ओर उनका रुझान होना मुख्य वजह है।
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गजल गायक पंकज उधास
पंकज उधास ने कहा कि गजलें लोगों को कुछ संदेश भी देती हैं। फिल्म में उनका गाया गीत चिट्ठी आई है वतन से चिट्ठी आई है काफी भावनात्मक गीत है, जिसे आज भी काफी पसंद किया जा रहा है। इस दौरान कवि अशोक यादव, अंशुमान प्रबल, कार्तिकेय तिवारी भी मौजूद रहे।
फिल्म झक्की का एक गाना जिसे अशोक यादव ने लिखा है और इस फिल्म को अंशुमान प्रबल बना रहे हैं का गीत टूटा है उसका ख्वाब उसे पीने दीजिए को पंकज उधास ने अपनी आवाज दी है। इसका उन्होंने म्यूजिक भी लांच किया है। वार्ता के दौरान एसडीएम सदर सिद्धार्थ, गजल कार्यक्रम संयोजक संजय शर्मा भी मौजूद रहे।