सैकड़ाे लाेग वहां से पलायन कर चुके हैं जाे बचे हैं वाे हर पल घुट-घुट कर जीने के लिए मजबूूर हैं। ना सारकार सुनती हैं ना प्रशासन अाैैर हर दिन वाे धीमा जहर लेकर माैत के करीब हाेते जा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं कानपुर के बदुअापुर में बने कूड़ा निस्तारण प्लांट की जहां हर राेज अाग लगने से जिंदगी जीना दूभर हाे गया है।
,
विज्ञापन
2 of 6
सैकड़ाें टन गीले कूड़े में अाग
यूपी के कानपुर बने कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़े के ढेरों में गुरुवार रात आग लग गई। दमघोंटू धुएं और बदबू की वजह से आसपास के गांवों से लेकर पनकी तक के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। लोग उल्टियां कर रहे, बीमार हो रहे हैं। धुआं भरने के डर से घरों में पंखा, कूलर तक नहीं चला पा रहे। करीब 30-35 हजार लोग परेशान हैं। पलायन तक होने लगा है। नगर निगम और प्लांट संचालक कंपनी आईएल एंड एफएस आग बुझाने में असफल साबित हुए।
विज्ञापन
3 of 6
कूड़ा निस्तारण प्लांट में आग का धुअां
जेएनएनयूआरएम परियोजना के तहत ग्राम भऊ सिंह, पनकी में 7 साल पहले 46 एकड़ जमीन पर कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किया गया था। प्लांट स्थापित करने वाली एटूजेड कंपनी ढाई साल पहले भाग गई। तब से इस प्लांट में कूड़े के ढेर लगने लगे। एक साल पहले आईएल एंड एफएस कंपनी ने इस प्लांट का संचालन शुरू किया।
4 of 6
कूड़ा निस्तारण प्लांट में आग
कंपनी चार महीने में प्लांट के गेट तक लगे कूड़े के पहाड़ों को पीछे की तरफ शिफ्ट कर पाई। इसके बाद कूड़े से जैविक खाद, आरडीएफ (फ्यूल) बनना शुरू हुआ। पर, यह कार्य सुस्त होने की वजह से वहां स्थित कूड़े के पहाड़ खत्म नहीं हो पा रहे हैं। पिछले साल इस प्लांट में कई बार आग लगी थी। इस बार फिर गर्मी शुरू होते ही प्लांट में आग लग गई। इससे निकल रहे दमघोंटू धुएं से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित इलाकों में लोगों का जीना दूभर है।
विज्ञापन
5 of 6
ये है दिन का नजारा
प्लांट के कुछ कर्मचारी दिनभर आग बुझाने की कोशिश करते रहे, पर लपटें तेज होती जा रही थीं। दोपहर तक कूड़े के 100 से ज्यादा ढेरों में आग लग चुकी है। शाम को नगर निगम के अधिकारी और फायर ब्रिगेड पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश की, पर रात तक आग पूरी तरह बुझ नहीं पाई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के कुछ कर्मचारी उसमें लगे कॉपर के मोटे तार चोरी करते हैं और रात में प्लांट में ही पीछे की तरफ उन्हें जलाते हैं, ताकि कापर निकाल सकें। इस वजह से भी प्लांट में आग लगती है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह की मानें ताे कूड़े के पुराने ढेरों में मीथेन गैस बनती है, इसी वजह से आग लग जाती है।