स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में 1.40 करोड़ रुपये मिलने का पटाक्षेप हुआ नहीं और मंगलवार को एक और मामला सामने आ गया। कानपुर-नई दिल्ली रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेस में सोने के जेवरों से भरा बैग (पर्स) मिला। यह पर्स टीटीई को मिला, जिसे उन्होंने कानपुर लौटकर जीआरपी थाने में जमा कराया है।
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जेवरों से भरा बैग मिला
- फोटो : अमर उजाला
जेवर करीब 500 से 600 ग्राम तक होने की संभावना है, जिसकी कीमत 20 से 25 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। कानपुर सेंट्रल स्टेशन से नई दिल्ली जा रही 02033 कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के सी-7 कोच में मंगलवार को टीटीई डीके पांडेय को लावारिस पर्स मिला।
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जेवरों से भरा बैग मिला
- फोटो : अमर उजाला
इसमें 25 गहने शामिल हैं। टीटीई ने लावारिस मिले पर्स और गहनों को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया है। ट्रेन के सी-6 और सी-7 में टीटीई डीके पांडेय की ड्यूटी थी। दिल्ली पहुंचने पर सभी यात्री ट्रेन से उतर गए तो टीटीई भी उतरने लगे तभी सी-7 कोच के सीट नंबर 66 और 67 पर उन्हें लेडीज पर्स दिखा।
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जेवरों से भरा बैग मिला
- फोटो : अमर उजाला
आरपीएफ को सूचना देने के बाद भी शाम तक किसी ने पर्स लेने का दावा नहीं किया तो टीटीई कानपुर शताब्दी से रात को वापस आने पर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे और आरपीएफ व स्टाफ के सामने पर्स को सभी के सामने खोला और वीडियोग्राफी बनवाकर सील बंद कर उसे जीआरपी को सौंप दिया।
जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि बुधवार की तिथि में इसे दाखिल कर लिया गया है। सी-7 कोच की सीट नंबर 66 और 68 पर गीता चौहान और सृष्टि चौहान सफर कर रही थी पर अभी तक कोई दावेदार नहीं आया है और न ही फोन पर संपर्क किया है।