डेमो पिक
उसे वहीं दिल का दौरा पड़ गया। आसपास के अन्य किसानों ने उसे घर पहुंचाया। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग करके कानपुर भेजने की व्यवस्था कर दी, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक के पास खुद का मकान भी नहीं था। वह पड़ोसी रमेश के मकान में रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक 20 हजार रुपये साहूकारों से कर्ज ले रखा था। नरैनी एसडीएम नरेश कुमार ने बताया कि वह तहसीलदार को भेजकर जांच करवा रहे हैं।