कानपुर में हर तरफ ‘सफेद बर्फीली धुंध’ छाई हुई है। सुबह और रात में विजिबिलटी लगभग शून्य सी हो जाती है। गुरुवार को भी शहर कोहरे के आगोश में रहा। दिन में भी विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम (40 मीटर) रही। वातावरण की नमी सामान्य से कहीं ज्यादा है। इसी वजह से कड़ाके की सर्दी महसूस की गई। गुरुवार का इस मौसम का सबसे कम अधिकतम पारा रिकार्ड किया गया।
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अधिकतम पारा 23.2 डिग्री सेल्सियस
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कानपुर में कोहरा
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
अधिकतम पारा 23.2 डिग्री सेल्सियस है, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2005 के बाद से दिसंबर महीने में अधिकतम पारा इतना नीचे नहीं गया। 25 नवंबर 2010 को 10.2 मिली मीटर बारिश हुई थी। इस कारण तब 25 नवंबर का पारा 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ था।
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कोहरे की मार, ट्रेनों का इंतजार
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कोहरा
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
कोहरे के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट की 250 से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। दिल्ली आने और जाने वाली सभी राजधानी, शताब्दी, दूरंतो और गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेनें आठ से दस घंटे देरी से चल रही हैं। भागलपुर एक्सप्रेस 39 घंटे देरी से कानपुर सेंट्रल गुरुवार शाम छह बजे पहुंची। यात्री सेंट्रल स्टेशन पर भूखे-प्यासे ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
कोहरे के आगोश में आया कानपुर
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
धूल, धुआ, सर्दी-गर्मी से बचें, नाक पर साधारण मास्क लगाएं, मास्क न हो तो रुमाल लगाएं, कोहरे के दौरान कम से कम बाहर जाएं या संभव हो तो न जाएं, जरा भी खांसी जुकाम हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर वैक्सीन लगवाएं, वरना बार - बार संक्रमण और सांस फूलने की आशंका रहती है। घर में किसी को खांसी, जुकाम हो तो उससे दूर रहें, इनहेलर साथ रखें, मार्निंग वाक बंद करें, सुबह रजाई छोड़ते समय स्वेटर सहित पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, कमरे से तुरंत बाहर न निकलें, बुजुर्ग सुबह उठकर तुरंत बाथरूम के लिए बाहर न निकलें