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उन्नाव गैस कांड: कैप्सूल टैंकर चालक की साजिश के मिले सबूत, अबतक ये बातें आईं सामने

Tue, 17 Sep 2019 07:36 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला - फोटो : अमर उजाला
उन्नाव के दही चौकी स्थित एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में चार दिन पहले आग लगने की घटना में जांच कर रही टीमों को गैस टैंकर चालक की शरारत के कई सबूत मिले हैं। जिस गैस टैंकर का वॉल्व टूटने से आग लगी, उसमें चाबी लगी मिलने के साथ स्विच ऑन मिला है। यही नहीं टैंकर में बैक गियर लगा पाया गया। जबकि नियम के तहत टीटीगैंट्री में खड़ा करने के बाद टैंकर की चाबी जमा करना होता है। जांच अधिकारियों के अनुसार, टैंकर को न्यूट्रल (बगैर गियर) में ही खड़ा करना होता है। रिवर्स गियर तो किसी हालत में नहीं लगाया जा सकता।

12 सितंबर को एचपी बॉटलिंग प्लांट में सुबह 9.30 बजे आठ गैस टैंकर अनलोड होने के लिए प्लांट के टीटीगैंट्री नंबर एक से आठ नंबर तक खड़े हो गए। टीटीगेंट्री नंबर एक में खड़े गुजरात रजिस्ट्रेशन नंबर के टैंकर का वॉल्व टूटने से अचानक तेजी के साथ गैस रिसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर बाद टैंकर में आग लग गई। आग को बुझाने की कोशिश में प्लांट के एक अधिकारी समेत चार लोग झुलस गए थे, जबकि एक कर्मी का हाथ टूट गया था। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, हालांकि हालात सामान्य करने में दमकल को आठ घंटे का समय लगा था।
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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला - फोटो : अमर उजाला
घटना को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया था। हाईवे और रेल यातायात भी रोकना पड़ा था। मामले की जांच के लिए ओआईएसडी (ऑयल इंडस्ट्रीज सेफ्टी डायरेक्ट्रेट) समेत अन्य टीमों ने घटना की वजह को तलाशना शुरू किया। जांच कर रहे एचपी के जोनल हेड आरके तिवारी ने बताया कि जिस गैस टैंकर में रिसाव के बाद आग लगी थी, उसके चालक आरिफ की शरारत जैसी बातें सामने आईं हैं। आग की चपेट में आए गैस टैंकर के स्विच में चाबी लगी मिलने के साथ स्विच खुला (ऑन) मिला। टैंकर में बैक गियर भी लगा मिला।
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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला - फोटो : अमर उजाला
जोनल हेड ने बताया कि टीटीगेंट्री में प्रवेश के बाद टैंकर में चाबी लगी मिलना, स्विच खुला होना और गियर लगना ही संदेह के घेरे में है। बताया कि टीटीगेंट्री में प्रवेश के बाद सभी टैंकरों की चाभी सिक्योरिटी रूम में जमा करनी होती है। चाबी जमा कराने पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया इसकी भी जांच की जा रही है। अब तक टैंकर चालक नहीं मिला है। उससे पूछताछ के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला - फोटो : अमर उजाला
पुलिस उगलवाएगी चालक से सच 
एचपी के जोनल हेड आरके तिवारी ने बताया कि रविवार दोपहर तक चालक लगातार फोन पर संपर्क में रहा उसके बाद उसने फोन स्विच ऑफ कर लिया। फोन पर संपर्क के दौरान कभी उसने खुद की मोहनलालगंज लखनऊ में मौजूदगी बताई। टीम जब उसके बताए स्थान पर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। वह अपनी मौजूदगी की जगह को लेकर टीम को कई घंटों तक गुमराह करता रहा। जोनल हेड ने बताया कि अब पुलिस ही उसका पता लगाकर सच उगलवाएगी। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 
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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला - फोटो : अमर उजाला
विद्युत लाइन में लगाए गए क्रेडल, भूमिगत का जिम्मा यूपीएसआईडीसी का
एचपी प्लांट में आग की घटना के दूसरे दिन झंझरी गांव के लोगों ने प्लांट के गेट पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया था। मांग थी कि प्लांट के बाहर सड़क के ऊपर से गुजरी 11 केवी लाइन को भूमिगत किया जाए और वाहनों की पार्किंग यहां से हटाई जाए। ग्रामीणों की मांग पर सदर विधायक पंकज गुप्ता, पूर्व विधायक पुरवा उदयराज यादव व सपा नेत्री मनीषा दीपक ने प्लांट के अधिकारियों से वार्ता कर 33 केवी विद्युत लाइन को भूमिगत करने व वाहनों की पार्किंग हटाने की मांग की। सदर विधायक ने सात दिन में पार्किंग न हटाए जाने पर प्लांट के बाहर धरना देने की बात कही थी। सोमवार को एचपी के जोनल हेड आरके तिवारी ने बताया कि लाइन को भूमिगत करने या हटाने का जिम्मा यूपीएसआईडीसी का है। वो ही इस पर निर्णय लें। हालांकि लाइन में क्रेडल लगाए गए है। क्रेडल लगने से तार टूटते या स्पार्क होते ही लाइन कट हो जाएगी।
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