फतेहपुर में बहन की हत्या के बाद पुलिस के सामने सरेंडर करने वाला भाई पूरी रात हवालात में फूट-फूटकर रोया। सुबह कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। जेल जाने से पहले भाई ने कहा कि बहनोई मेरी बहन को तलाक दे रहे था।
यूपी के फतेहपुर में शनिवार रात के करीब 11 बजे थे। धरियांव थाने में पुलिसकर्मी अपने काम में व्यस्त थे। तभी हवालात से सिसकियों की आवाज आने लगी। कुछ देर बाद संतरी पहुंचा और उसने पूछा क्या हो गया क्यों सिसक रहे हो। इतना सुनते ही बहन की हत्या का आरोपी भाई संदीप सिंह यादव दबी आवाज में बोला, मुझसे गलती हो गई। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। वो मेरी बहन थी अगर उसे ठीक से समझाता तो वह मान जाती और आज हम सबके साथ होती।
पता नहीं मुझे कैसे इतना गुस्सा आ गया कि बचपन में जिसे अंगुली पकड़कर चलना सिखाया उसकी जिद के लिए घरवालों से लड़ा। इसके बाद भी उसे मैंने हमेशा-हमेशा के लिए खुद से दूर कर दिया। इसी पश्चाताप की अग्नि में संदीप सुबह तक जलता रहा। पूछताछ के बाद रविवार सुबह उसे जेल भेज दिया गया।
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घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा कस्बा निवासी शिव सिंह यादव उर्फ कल्लू की पुत्री मंजू उर्फ रंजू (19) की शादी एक मई को राधानगर थाना क्षेत्र के सोनही बड़नपुर निवासी पिंटू उर्फ अजय से हुई थी। शादी के बाद वह चौथी पर मायके आई थी। 13 मई की रात वह गांव के रहने वाले विशेष समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। तीन दिन बाद 16 मई को परिजन ने उसे तलाश करने के बाद ससुराल भेज दिया था।
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घटनास्थल पर ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहन की हत्या के बाद शव कुएं में फेंका
बताया गया कि प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी बहन को 12 जून की रात भाई संदीप सिंह ससुराल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया था। शनिवार को उसने हसवा चौकी में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
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घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'परिवार को बदनामी झेलनी पड़ रही थी'
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मौत गला दबाकर किए जाने की पुष्टि हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बहन की वजह से परिवार को बदनामी झेलनी पड़ रही थी और लोग उन पर ताने कसते थे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था। उसने यह भी बताया कि शादी के बाद भी बहन का युवक से संपर्क बना रहा।
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घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इससे परिवार और ससुराल पक्ष में विवाद हो गया था और बहनोई तलाक देने की बात कहने लगा था। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
कुएं के चबूतरे पर मिलीं टूटी चूड़ियां
हसवा कस्बे में रंजू की हत्या के मामले में घटनास्थल से मिले साक्ष्य संघर्ष की कहानी बयां कर रहे हैं। पुलिस जांच के दौरान जिस कुएं के पास युवती का शव मिला, उसके चबूतरे पर टूटी हुई चूड़ियां बिखरी मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि हमले के दौरान युवती ने खुद को बचाने का प्रयास किया होगा।
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आरोपी भाई संदीप की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इससे चूड़ियां टूट गई। फॉरेंसिक टीम ने टूटी चूड़ियों समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ये टूटी चूड़ियां वारदात से पहले हुए संघर्ष की ओर इशारा करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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पिता को सांत्वना देते पुलिस चौकी प्रभारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था पूरा मामला
फतेहपुर के हसवा में पति को छोड़कर दूसरे समुदाय के प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी युवती की गला घोटकर शुक्रवार को उसके भाई ने हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंका और रात भर जंगल में रहा। सुबह पुलिस के पास जाकर अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थरियांव के हसवा कस्बा निवासी शिव सिंह यादव की पुत्री मंजू उर्फ रंजू (19) की शादी एक मई को राधानगर थाना इलाके के सोनहीं बड़नपुर निवासी पिंटू के साथ हुई थी। परिजन ने बताया कि शादी के बाद वह चौथी पर मायके आई थी। 13 मई की रात वह गांव के ही दूसरे समुदाय के प्रेमी के साथ चली गई। इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
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fatehpur murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
16 मई को परिजन उसे खोजकर घर ले आए। ससुराल पक्ष को इसका पता चलने पर पंचायत हुई। समझौते के बाद युवती की विदाई कर दी गई लेकिन ससुराल में भी वह प्रेमी से बात करती रही। इसकी जानकारी अहमदाबाद में काम करने वाले भाई संदीप को हुई तो वह 10 जून को बहन की ससुराल पहुंचा।
दो दिन तक वहीं रहकर बहन को समझाता रहा लेकिन वह प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी रही। शुक्रवार देर शाम संदीप ने बहन को विदा कराया। उसे लेकर बिलंदा पहुंचा। दोनों पैदल गांव की ओर चल दिए। हसवा कस्बा स्थित गुड्डू सिंह के खेत के पास संदीप ने बहन का गला घोट दिया।