फर्रूखाबाद में 12 घंटे तक 23 बच्चों को बंधक बनाने वाले अपहरणकर्ता सुभाष ने तहखाने में बंद बच्चों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। जिसके बाद तहखाने में मौजूद हर बच्चा चीखने चिल्लाने लगा लेकिन अंजली ने सुभाष से कहा मारना है तो मार डालो लेकिन कुंडी नहीं खोलूंगी।
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सभी बच्चे सुरक्षित निकाले गए
- फोटो : अमर उजाला
बेटियां अपनी पर आ जाएं तो वह किसी से नहीं डरती हैं। ऐसा ही कक्षा नौ में पढ़ने वाली अंजली ने भी किया। सुभाष और उसकी पत्नी जब बाहर थी तभी अंजली ने तहखाने की कुंडी अंदर से बंद कर ली। सुभाष तहखाने में रखे कारतूस व बम लेने गया तो अंजली ने कुंडी नहीं खोली। सुभाष ने धमकाया कि वह सभी को बम से उड़ा देगा, तो अन्य बच्चे डर गए पर अंजली ने कहा कि वह अब कुंडी नहीं खोलेगी।
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12 घंटे रहा अफरातफरी का माहाैल
- फोटो : अमर उजाला
मारना है तो मार डालो, देखें कैसे मारोगे। अंजली ने बताया कि रात को जब करीब 10.30 बजे आदेश की छह माह की बंधक बेेटी शबनम रोने लगी तो वह उसे अपनी गोद में लेकर चुप कराने लगी। तभी रूबी ने पति सुभाष से शबनम को उसकी मां को देने को कहा। सुभाष तैयार हो गया। अंजली ने शबनम को रूबी को दे दिया। रूबी उसे लेकर सुभाष को देने बाहर गई। तभी अंजली ने अंदर से कुंडी बंद कर ली।
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सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया
- फोटो : अमर उजाला
सुभाष जब शबनम को उसकी मां को देकर लौटा तो तो अंजली ने कुंडी खोलने से इनकार कर दिया। इस पर सुभाष ने धमकी दी कि वह सभी को बम से उड़ा देगा। यह सुन अंजली व विनीत को छोड़कर अन्य बच्चे डर गए और वह कुंडी खोलने को कहने लगे। अंजली ने कहा कि वह कुंडी नहीं खोलेगी। तो मारना है तो मार डालो, देखें कैसे मारोगे। अंजली व विनीत ने अन्य बच्चों को ढांढस बंधाया कि पुलिस उनको बाहर निकालेगी। बाद में हुआ भी ऐसा ही। जब पुलिस कार्रवाई में सुभाष मारा गया और पुलिस अंदर पहुंच गई तभी अंजली ने कुंडी खोली।
बच्चों को दिए बिस्कुट व टॉफी
तहखाने में बंद बच्चे जब रोने लगे और कहा कि उन्हें भूख लगी है, तब सुभाष ने सभी को बिस्कुट व टॉफी खाने को दे दीं। बच्चों ने शाम को जब बिस्कुट खा लिए तो सुभाष के पास केवल टॉफी बची थीं। रात को बच्चों ने फिर कहा कि उन्हें भूख लगी है अब उन्हें छोड़ दे। इस पर रात करीब आठ बजे बाहर से बिस्कुट मंगवाकर बच्चों को खाने को दे दिए थे। इस दौरान बीच-बीच में सुभाष खुद शराब पीता रहा।