फर्रुखाबाद के गांव करथिया निवासी आदेश कुमार का पुत्र लव और पुत्री सोनम अपने साथ छह माह की बहन शबनम को लेकर आरोपी सुभाष के घर दोपहर में दो बजे गए थे। दोनों भाई बहन के साथ छह माह की शबनम को को भी सुभाष ने बंधक बना लिया था। पुलिस ने बच्चों को मुक्त कराने के लिए सुभाष के दोस्तों से मदद ली तो दोस्तों के काफी प्रयास के बाद रात करीब 11:30 बजे सुभाष ने बेसमेंट के पास पड़ी टिन शेड के खाली जगह से अपने दोस्त को शबनम को पकड़ा कर मुक्त कर दिया।
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सिरफिरे ने 11 घंटों से 21 बच्चों को बना रखा बंधक
- फोटो : amar ujala
डॉक्टरों की टीम के साथ सीएमओ गांव पहुंचे
बच्चों के मुक्त होने पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने के लिए डीएम ने सीएमओ और उनकी टीम को तलब कर लिया। सीएमओ डा. चंद्रशेखर ने चार एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम के साथ देर रात गांव करथिया पहुंच कर डेरा जमा लिया है।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
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बिस्कुट, सिगरेट के बाद मांगा प्रधानमंत्री आवास
बच्चों को बंधक बनाने वाले ग्रामीण सुभाष ने बिस्कुट व सिगरेट की मांग पूरी होने के बाद देर रात प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की। वहां मौजूद अधिकारियों ने आवास दिए जाने का आश्वासन देकर बच्चों को मुक्त किए जाने बात कही, इसके बाद भी सुभाष ने बच्चों को मुक्त नहीं किया।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
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बच्चों को दो बजे बुला लिया था घर
सुुुभाष ने बच्चों को अपने घर दोपहर को करीब दो बजे बुला लिया था। उसने कुछ बच्चों को बेटी के जन्म दिन पर टाफी खिलाने का लालच दिया तो किसी को घर में सजावट करने के बहाने बुला लिया। इसके बाद उसने किसी बच्चे को बाहर नहीं निकलने दिया। चार बजे तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे तो बच्चों के परिजनों को चिंता हुई।
तभी उसने छत पर चढ़ कर हंगामा कर दिया। बताया गया कि सुभाष कुछ दिन पहले भी अपनी बेटी का जन्म दिन मना चुका है। सिगरेट पहुंचाने के दौरान उसकी आवाज से लगा रहा था कि वह और अधिक नशे में हो गया है। इससे आशंका जताई गई कि वह अंदर बैठा शराब पीता रहा।