फर्रुखाबाद में 23 बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे सुभाष पर जब पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का दबाव बनाया तो सुभाष ने घर के अंदर से ही डेटोनेटर के जरिए बरामदे में ईंटों के टुकड़ों के नीचे दबे देसी बम को चला दिया था। इसमें कोतवाल व दीवान घायल हुए थे। लोगों ने समझा कि सुभाष ने दरवाजे के नीचे से देसी बम फेंक कर विस्फोट किया है।
विज्ञापन
2 of 5
12 घंटे तक बच्चों को बंधक बनाकर रखा था
- फोटो : अमर उजाला
जब घर के अंदर से विस्फोटक के अलावा डेटोनेटर मिला तो सारी कहानी सामने आ गई। गांव करथिया निवासी सुभाष ने बच्चों को बंधक बनाने की योजना कई दिन पहले ही तैयार कर ली थी। इसके तहत ही उसने घर में ही देसी बम तैयार किए और डेटोनेटर के जरिए विस्फोट का तरीका भी सीख लिया।
विज्ञापन
3 of 5
12 घंटे बाद अरोपी को मार सुरक्षित बचाए गए बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को बच्चों के आने से पहले उसने घर के बाहर दरवाजे के पास ईंटों के टुकड़ों के नीचे देसी बम में तार बांध कर छिपा दिया था। तार का दूसरा छोर कमरे के अंदर डेटोनेटर से बंधा था। बच्चों के बंधक बनाए जाने पर कोतवाल राकेश कुमार, यूपी 112 के दीवान जयवीर सिंह यादव ने दरवाजा खुलवाने के लिए ईंट पत्थर चलाए तो सुभाष ने घर के अंदर से ही डेटोनेटर के जरिए विस्फोट कर दिया था।
4 of 5
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कोतवाल व दीवान समेत सिपाही सुनील घायल हो गया था। गुरुवार रात जब पुलिस ने मुठभेड़ में सुभाष का खात्मा कर दिया तो उसके कमरे में रखे सामान को देखकर अफसर दंग रह गए। अफसरों को समझते देर नहीं लगी कि अगर उसके घर की बिजली नहीं काटते तो वह और विस्फोट कर सकता था। इसके अलावा सुभाष ने अधिक शराब भी पी ली थी। नशे के कारण भी ज्यादा मूवमेंट नहीं कर सका था।
कमरे में बरामद हुए विस्फोटक, असलहे व कारतूस
सुभाष के कमरे से पुलिस ने चार बड़े सुतली बम तार लगे हुए, चार सुतली बम छोटे, चार बने हुए दैमार बम, पांच किलो के सिलिंडर के ऊपरी हिस्से को काटकर विस्फोटक से भर कर तैयार किया हुआ बम, प्लास्टिक के डिब्बे में भरा विस्फोटक, तार लगा हुआ डेटोनेटर, दो बैटरी, 315 बोर की देसी रायफल, 315 बोर का देशी तमंचा, 15 कारतूस 315 बोर के, 5 खोखे 315 बोर के बरामद किए गए।