फर्रुखाबाद में बच्चों को बंधक बनाने वाले शातिर सुभाष को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। वहीं उसकी पत्नी रूबी को ग्रामीणों ने पीट दिया था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। इस मामले में जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को जांच अधिकारी नामित किया है।
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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम
- फोटो : अमर उजाला
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव करथिया निवासी शातिर सुभाष बाथम ने 23 बच्चों को बंधक बनाकर बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस पर ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने बच्चों को मुक्त कराकर सुभाष को मार गिराया था। इस दौरान सुभाष की पत्नी रूबी भीड़ के हमले से घायल हो गई।
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छूटने के बाद बंधक बनाए गए बच्चे, अंजली और अपहरणकर्ता सुभाष
- फोटो : अमर उजाला
उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रूबी की मौत के मामले जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश देते हुए एसडीएम सदर अनिल कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। डीएम ने 17 फरवरी तक जांच आख्या तलब की है।
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ग्रामीणों की पिटाई से हुई थी आरोपी सुभाष की पत्नी की मौत
- फोटो : अमर उजाला
दो बार हुआ था रूबी का पोस्टमार्टम
फर्रुखाबाद में शनिवार को सुभाष व उसकी पत्नी के शवों का पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया था। इसकी वीडियो व फोटोग्राफी नहीं कराई गई थी। रात में जब एसपी को जानकारी हुई तो उन्होंने डीएम से वार्ता की। डीएम के आदेश पर पैनल से वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के साथ रात तीन बजे दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था।
रूबी की मौत सिर पर वजनदार वस्तु से प्रहार से आई चोट से होने का उल्लेेख किया गया था। रविवार को दोनों के शवों को पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया था। जिसके बाद पुलिस ने किसी परिजन व रिश्तेदार के न आने पर पांचाल घाट पर दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया था। वहां पर भी वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई गई थी।