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फर्रुखाबाद: 12 घंटे तक मौत के साये में रहे 23 मासूम, हर ओर गूंज रही थी चीखें, जाने पूरा घटनाक्रम

Fri, 31 Jan 2020 01:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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बच्चों को 12 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया - फोटो : अमर उजाला

फर्रूखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली के करथिया गांव में बंधक बनाए गए बच्चों को मुक्त कराने को गांव के लोगों ने ईंटों व हथौड़े से गेट को तोड़ दिया। पुलिस के घर के अंदर घुसते ही सुभाष ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमेें दो पुलिस कर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष की मौत हो गई। इस दौरान सुभाष की पत्नी घायल हो गई। पुलिस ने पत्नी व बच्चे को कब्जे में लिया। पत्नी को सीएचसी भेजा और पुत्री को एक ग्रामीण के हवाले कर दिया।

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सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया - फोटो : अमर उजाला


बंधनमुक्त कराए गए बच्चों का स्वास्थ्य टीम देर रात तक चिकित्सीय परीक्षण करती रही। करथिया निवासी सुभाष बाथम ने पुत्री के जन्मदिन के बहाने गुरुवार दोपहर गांव के 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया था। चार बजे से पुलिस बच्चों को मुक्त कराने के लिए उसके घर की घेराबंदी की थी। डीएम, एसपी पुलिस बल के साथ आरोपी के घर के बाहर डटे रहे।
 

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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम - फोटो : अमर उजाला

कानपुर जोन आईजी मोहित अग्रवाल भी घटना स्थल पर देर रात पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले का जायजा लिया और बच्चों को मुक्त कराने का प्रयास शुरू किया। सुभाष के दोस्तों ने अपनी बातों से बहलाकर देर रात छह माह की शबनम को मुक्त करा लिया। इसके बाद अन्य बच्चों के मुक्त न होने पर उनके परिवार वाले और गांव के लोग रात करीब 12.30 बजे आक्रोशित हो उठे।
 

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सभी बच्चे सुरक्षित छुड़ाए गए - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने सुभाष के घर के दरवाजे पर ईंटों व पत्थरों से हमला कर दिया। गुस्साए गांव के लोगों ने हथौड़ा व ईंटें मारकर दरवाजा तोड़ दिया। इससे पुलिस कर्मी घर के अंदर घुस गए। सुभाष ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसमें दो पुलिस कर्मी घायल हो गए और जवाबी कार्रवाई में सुभाष मारा गया। फायरिंग बंद होने के बाद गुस्साए गांव के लोग भी घर में घुस गए और पथराव कर दिया और सुभाष की पत्नी को पकड़ कर पीट दिया। इससे वह घायल हो गई।
 

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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने सुभाष की पत्नी को ग्रामीणों से छुड़ाया और सीएचसी भेज दिया। उसकी पुत्री गौरी को एक ग्रामीण के सुपुर्द कर दिया। देर रात एटीएस भी मौके पर पहुंच गई। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि 23 बच्चों को बंधक मुक्त कराने के आपरेशन के दौरान सुभाष ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और एक हथगोला फेंका, इसमें दो पुलिस कर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष मारा गया। उसकी पत्नी व बच्चों को सुरक्षित निकाला गया लेकिन तभी उग्र भीड़ ने आरोपी सुभाष की पत्नी पर हमला बोल दिया। जिसमें वो गंभीर रुप से घायल हो गई। रात को सुभाष की पत्नी रूबी को फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह हालत बिगड़ने पर उसे सैफई पीजीआई ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। जो बच्चे बंधक मुक्त हुए है, उनका चिकित्सीय परीक्षण करा कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

जानें कब-क्या हुआ

  • 2:00 PM - सुभाष बाथम ने बेटी के जन्मदिन पर बच्चों को घर पर बुलाया
  • 4:00 PM - बाथम के घर पर बर्थडे पार्टी में बच्चे पहुंचे
  • 5:00 PM - सुभाष ने छत पर पहुंचकर बताया कि उसने बच्चों को बंधक बना लिया है।
  • 5:30 PM - गांव वालों ने एक व्यक्ति को सुभाष से बात करके भेजा, बदमाश ने उसके पैर में गोरी मार दी। इसी बीच पुलिस को सूचना दी गई, 45 मिनट बाद पुलिस पहुंची।
  • 6:00 PM - पुलिस ने सुभाष से बातचीत शुरू की, इसी बीच आरोपी ने फायरिंग की, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
  • 6:15 PM - आरोप ने घर के अंदर से हथगोला (लो रेडिएंड बम) फेंका।
  • 6:30 PM - डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचे। आरोपी ने स्थानीय विधायक को बुलाने की मांग की। इसी बीच आरोपी ने दोबारा फायरिंग की।
  • 7:00 PM - उच्च अधिकारियों को हालात की जानकारी दी गई। आरोपी के पास हथियार होने के चलते खतरे का अंदेशा भी जताया गया।
  • 7:30 PM - डीजीपी ने एटीएस टीम को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया। एनएसजी से भी संपर्क किया गया। 
  • 9:10 PM - सीएम योगी आदित्यनाथ ने तमाम आला अधिकारियों की बैठक बुलाई
  • 9:20 PM - एटीएस की टीम मौके पर पहुंची, घर को घेरा गया।
  • 9:30 PM - एटीएस की टीम ने बचाव ऑपरेशन मासूम शुरू किया।
  • 10:00 PM - ड्रोन के जरिए घर अंदर की तस्वीरें ली गईं।
  • 10:30 PM- पुलिस फोर्स सहित एटीएस की टीमों ने पूरे घर को घेर लिया।
  • 11:00 PM- आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने संभाला मोर्चा।
  • 11:30 PM-  आईजी जोन मोहित अग्रवाल पूरे मामले का जायजा लिया और बच्चों को मुक्त कराने का प्रयास शुरू किया।
  • 12:00 PM- सुभाष के दोस्तों ने अपनी बातों से बहलाकर देर रात छह माह की शबनम को मुक्त करा लिया।
  • 12:30 PM- परिवार वाले और गांव के लोग रात करीब 12.30 बजे आक्रोशित हो उठे और हथौड़े और ईंटें मार तोड़ा दरवाजा
  • 01:00 PM- सभी 23 बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। मुठभेड़ में आरोपी सुभाष को मारी गोली। 
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