घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने सुभाष की पत्नी को ग्रामीणों से छुड़ाया और सीएचसी भेज दिया। उसकी पुत्री गौरी को एक ग्रामीण के सुपुर्द कर दिया। देर रात एटीएस भी मौके पर पहुंच गई। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि 23 बच्चों को बंधक मुक्त कराने के आपरेशन के दौरान सुभाष ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और एक हथगोला फेंका, इसमें दो पुलिस कर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष मारा गया। उसकी पत्नी व बच्चों को सुरक्षित निकाला गया लेकिन तभी उग्र भीड़ ने आरोपी सुभाष की पत्नी पर हमला बोल दिया। जिसमें वो गंभीर रुप से घायल हो गई। रात को सुभाष की पत्नी रूबी को फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह हालत बिगड़ने पर उसे सैफई पीजीआई ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। जो बच्चे बंधक मुक्त हुए है, उनका चिकित्सीय परीक्षण करा कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।
जानें कब-क्या हुआ
- 2:00 PM - सुभाष बाथम ने बेटी के जन्मदिन पर बच्चों को घर पर बुलाया
- 4:00 PM - बाथम के घर पर बर्थडे पार्टी में बच्चे पहुंचे
- 5:00 PM - सुभाष ने छत पर पहुंचकर बताया कि उसने बच्चों को बंधक बना लिया है।
- 5:30 PM - गांव वालों ने एक व्यक्ति को सुभाष से बात करके भेजा, बदमाश ने उसके पैर में गोरी मार दी। इसी बीच पुलिस को सूचना दी गई, 45 मिनट बाद पुलिस पहुंची।
- 6:00 PM - पुलिस ने सुभाष से बातचीत शुरू की, इसी बीच आरोपी ने फायरिंग की, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
- 6:15 PM - आरोप ने घर के अंदर से हथगोला (लो रेडिएंड बम) फेंका।
- 6:30 PM - डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचे। आरोपी ने स्थानीय विधायक को बुलाने की मांग की। इसी बीच आरोपी ने दोबारा फायरिंग की।
- 7:00 PM - उच्च अधिकारियों को हालात की जानकारी दी गई। आरोपी के पास हथियार होने के चलते खतरे का अंदेशा भी जताया गया।
- 7:30 PM - डीजीपी ने एटीएस टीम को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया। एनएसजी से भी संपर्क किया गया।
- 9:10 PM - सीएम योगी आदित्यनाथ ने तमाम आला अधिकारियों की बैठक बुलाई
- 9:20 PM - एटीएस की टीम मौके पर पहुंची, घर को घेरा गया।
- 9:30 PM - एटीएस की टीम ने बचाव ऑपरेशन मासूम शुरू किया।
- 10:00 PM - ड्रोन के जरिए घर अंदर की तस्वीरें ली गईं।
- 10:30 PM- पुलिस फोर्स सहित एटीएस की टीमों ने पूरे घर को घेर लिया।
- 11:00 PM- आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने संभाला मोर्चा।
- 11:30 PM- आईजी जोन मोहित अग्रवाल पूरे मामले का जायजा लिया और बच्चों को मुक्त कराने का प्रयास शुरू किया।
- 12:00 PM- सुभाष के दोस्तों ने अपनी बातों से बहलाकर देर रात छह माह की शबनम को मुक्त करा लिया।
- 12:30 PM- परिवार वाले और गांव के लोग रात करीब 12.30 बजे आक्रोशित हो उठे और हथौड़े और ईंटें मार तोड़ा दरवाजा
- 01:00 PM- सभी 23 बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। मुठभेड़ में आरोपी सुभाष को मारी गोली।