लोकसभा चुनाव 2019 में जीत दर्ज करने के लिए बसपा ने सपा का दामन थामा है। 2012 चुनाव के दौरान हमीरपुर के राठ में बसपा की रैली को संबोधित करने गईं बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी ब्रहमानंद महाराज की समाधि पर दो फूल चढ़ाना उचित नहीं समझा था। यह बात लोधी बिरादरी के लोगों को अखर गई थी।
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मायावती-अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : गूगल
बिरादरी के कुछ लोगों ने इस बात की हवा फैला दी। तब बसपा प्रत्याशी का पूरा गणित ही बिगाड़ गया था जिससे पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। राठ विधानसभा क्षेत्र लोधी बाहुल्य है। जिस ओर इस बिरादरी के मतदाताओं का झुकाव हो जाता है उसी प्रत्याशी को जीत मिलती है।
2012 में राठ कस्बे के स्वामी ब्रह्मानंद कालेज के मैदान में बसपा सुप्रीमो मायावती पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए जनसभा करने आईं। कालेज के मैदान में जनसभा से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं ने मायावती से स्वामी ब्रहमानंद की समाधि पर फूल चढ़ाने की बात कही लेकिन वह समाधि स्थल पर न जाकर सीधे मंच पर पहुंच गईं।
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स्वामी ब्रह्मानंद (फाइल फोटो)
बता दें कि राठ नगर में बीएनवी कालेज मैदान में ही हर राजनीतिक दल की रैली होती है। चुनावी इतिहास में जो भी नेता आया सबसे पहले उसने स्वामी जी से आशीर्वाद जरूर लिया है। जनसभा में अपनी बात रखने से पहले संबंधित दल के प्रत्याशी अपने नेता को स्वामी जी की समाधि तक जरूर ले जाते हैं।
अमित शाह, मुलायम सिंह यादव व मायावती। (फाइल फाेटो)
- फोटो : amar ujala
ताकि लोधी बिरादरी के मतदाताओं का रुझान बदले और उन्हें उनका वोट हासिल हो सके। स्वामी जी की समाधि पर राहुल गांधी, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह, उमा भारती, अमित शाह जैसे दिग्गज तक गए थे।