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कश्मीरी महिला के विजिटिंग कार्ड ने बदल दी पूजा की जिंदगी, जानिए आखिर ऐसा क्या था!

Mon, 19 Mar 2018 02:52 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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टेककृति-18 में पूजा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर आईआईटी में टेककृति-18 में देवरिया के सुरौली की रहने वाली पूजा शाही ने हैंड मेड ज्वैलरी की प्रदर्शनी लगाई। इसे खूब सराहा गया। पूजा इन ज्वैलरी को केवल धागों से तैयार करती हैं और सूई का भी प्रयोग नहीं होता है। 

 
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टेककृति-18 में पूजा - फोटो : अमर उजाला
पूजा ने बताया कि 2009 में उन्होंने हैंड मेड आइटम बनाने शुरु किए थे। गांव के एक कार्यक्रम में कश्मीर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली एक महिला से मुलाकात हुई।
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टेककृति-18 में पूजा - फोटो : अमर उजाला
महिला के विजिटिंग कार्ड पर माइक्रम डिप्लोमा का जिक्र था। फिर उसने शहर जाकर एक साइबर कैफे में इसके बारे में जानकारी हासिल की। फोटो निकलवाई और फिर उसे देखकर खुद से डिजाइन करना शुरु कर दिया। 2013 तक पूजा के साथ गांव की दस महिलाएं जुट गईं। सभी झूले, टीवी कवर, मोबाइल कवर, सोफा कवर आदि तैयार करने लगी और स्कूल-कॉलेजों में बेचने लगी।

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टेककृति-18 में पूजा - फोटो : अमर उजाला
आज उनकी खुद की कंपनी देवरिया डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड है जिसमें 40 महिलाएं काम करती हैं। पूजा ने बताया कि वह सभी आइटम कॉटन और नायलॉन के धागे से तैयार करती हैं। सभी आइटम भारत के अलावा दुबई और यूएसए भी भेजे जा रहे हैं।
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टेककृति-18 में पूजा - फोटो : अमर उजाला
मुंबई में आयोजित जागृति रेल यात्रा में उन्हें बुलाया गया था जहां प्रीति जंतरे नामक महिला उद्यमी मिली। प्रीति ने पूजा को एक लाख 11 हजार रुपये की मदद दी और खुद मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभाल ली। पिछले महीने आईआईटी सिडबी इनोवेशन ने भी 15 लाख रुपये का अनुदान दिया है।
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