लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल जारी होने के बाद से पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। यूपी की वीआईपी सीटों में शुमार और डिंपल यादव की लोकसभा सीट कन्नौज में सोमवार रात को सपाइयों ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर नवीन मंडी समिति गेट पर हंगामा किया। जानकारी पर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सपाइयों से वार्ता कर शांत कराया। बाद में सपाइयों ने प्रशासन की व्यवस्था से संतुष्ट होने का पत्र दिया।
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पुलिस से सपा कार्यकर्ताओं की हुई बहस
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव की ईवीएम को नवीन मंडी समिति में विधानसभावार अलग-अलग स्ट्रांग रूमों में मंडी समिति में रखवाया गया है। ईवीएम की रखवाली के लिए सीआईएसएफ की दो कंपनी व पीएसी के जवान ड्यूटी पर लगे हैं। प्रशासन ने करीब 18 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इनसे भी निगरानी हो रही है। समाजवादी पार्टी के अनुरोध पर ईवीएम की निगरानी के लिए एक अभिकर्ता को बने रहने की अनुमति भी दी गई है।
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कन्नौज में मतगणना स्थल पर सपा कार्यकर्ताओं ने काटा हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात करीब 12 बजे नवीन मंडी समिति में समाजवादी पार्टी की तरफ से निगरानी के लिए लगाए गए अभिकर्ता पवन श्रीवास्तव ने पार्टी पदाधिकारियों को जानकारी दी कि कंट्रोल रूम में लगे 18 कैमरों में से 15 बंद हैं।
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कन्नाैज में मतगणना स्थल के बाहर मौजूद सपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
इस पर कन्नौज सदर ब्लाक प्रमुख नीलू यादव, पूर्व विधायक कल्यान सिंह दोहरे, पूर्व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजू कटियार, हसीब हसन, नाजिम खां, नावेद, वीरपाल यादव, रेहान खां सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता नवीन मंडी समिति पहुंच गए। आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता पक्ष के साथ मिलीभगत कर कोई बड़ी गड़बड़ी की तैयारी कर रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शैलेष कुमार ने बताया कि रात के समय यह मामला हुआ था।
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सपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी पर वह नवीन मंडी समिति पहुंचे थे। सपा पदाधिकारियों के साथ वार्ता की थी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों में कुछ का डिस्प्ले नेटवर्क के कारण दिक्कत कर रहा था। कैमरे सभी चल रहे थे। रात में सभी कैमरों को चलवाया गया। इसके बाद सपा पदाधिकारी संतुष्ट हो गए। उन्होंने लिखकर दिया कि वह प्रशासन की व्यवस्था से संतुष्ट हैं।
कन्नौज में ईवीएम में गड़बड़ी करने के विरोध में सपाईयों ने काटा हंगामा
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पिछले लोकसभा में भाजपा, बसपा ने की थी निगरानी
वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में ऐसा ही नजारा नवीन मंडी समिति में पिछली बार भी देखने को मिला था। तब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सत्ता थी। उस समय भाजपा, बसपा को सत्ता पक्ष के इशारे पर प्रशासन की ओर से ईवीएम बदलने का खतरा सता रहा था। इस बार राजनीतिक सूरत उल्टी है। इस बार प्रदेश में भाजपा सत्ता में है। सपा-बसपा गठबंधन हो गया है। यह खतरा अब समाजवादी पार्टी को सता रहा है।