सोमवार को इटावा के लालपुरा में सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं रहीं। मुकेश के कुछ करीबियों की माने तो कुछ साल पहले मुकेश की किसी महिला से दोस्ती हो गई थी। जिसके बाद घर में तनाव था।
इटावा सामूहिक हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। परिवार के मुखिया मुकेश कुमार वर्मा का कानपुर की एक महिला से अफेयर था। रुपयों को लेकर भी परिवार में विवाद रहता था। मुकेश आर्थिक तंगी से घिर गया था। उसके कई लाख रुपये रिश्तेदारों पर थे, वो देने के लिए तैयार नहीं थे। मुकेश ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वो करवाचौथ वाले दिन ही खुदकुशी करना चाहता था, लेकिन उसे उसकी पत्नी रेखा ने रोक लिया था। रविवार को जब एक बार फिर मुकेश ने मरने की बात की तो पत्नी रेखा ने कहा था कि हमारे बाद बच्चों को कौन देखेगा, इसलिए उन्हें भी साथ लेकर मरने का फैसला किया गया।
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मुकेश वर्मा और रेखा की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर की महिला मित्र से भी था परिवार में तनाव
सोमवार को इटावा के लालपुरा में सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं रहीं। हर कोई यह जानना चाहता था कि ऐसा क्या हो गया जो मुकेश ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया। मुकेश के कुछ करीबियों की माने तो कुछ साल पहले कानपुर में मुकेश की किसी महिला से दोस्ती हो गई थी। इसकी जानकारी पत्नी को होने के बाद परिवार में तनाव की स्थिति रहने लगी थी। उक्त महिला दोस्त भी कई तरह से मुकेश को परेशान करती रहती थी। बताया जा रहा है कि महिला तलाकशुदा थी। हालांकि अभी तक की जांच पड़ताल में पुलिस ने ऐसे किसी भी तथ्य की जानकारी होने से इनकार किया है।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मुकेश की पत्नी रेखा की बहन राखी के पति ने अपने साढ़े मुकेश का कानपुर में एक तलाकशुदा महिला से संबंध थे। इसके बारे में रेखा ने कई बार उनकी पत्नी रेखा को बताया था। इसे लेकर कई बार मुकेश और उसकी पत्नी का झगड़ा भी होता था, लेकिन मुकेश नहीं मानता था। इसके साथ ही कई अन्य सवाल भी उठ रहे हैं। ऐसे में यह भी प्रतीत हो रहा है कि कहीं मुकेश ने सोच समझकर तो इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया है।
आर्थिक तंगी से घिरा मुकेश बोला-जमीन बची न दुकान रिश्तेदारों ने हड़पा पैसा
आपको बता दें कि परिवार को खत्म करने के बाद मुकेश रेलवे ट्रैक पहुंचा और जान देने की कोशिश की, हालांकि उसे पकड़ लिया गया। मुकेश का स्वास्थ्य खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उसने बताया कि उसके 15 लाख रुपये करीबी रिश्तेदारों के पास हैं। जिसे वो दे नहीं रहे हैं। इस वक्त काम काज चल नहीं रहा था। जमीन भी नहीं बची थी। इस पर वही रिश्तेदार आए दिन ताने भी मारते थे। इससे वह काफी परेशान था।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
किसी के गले नहीं उतर रही मुकेश की कहानी
यह पूरी बात सुसाइड नोट में लिखकर सीओ सिटी को भेज दी है। बताया कि पत्नी और बच्चों को मारते हुए बहुत तकलीफ हो रही थी, लेकिन क्या करता मजबूर था। तानों से परेशान होकर यह कदम उठाया है। पत्नी और तीनों बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद मुकेश दिन भर की जो कहानी बता रहा है, वह भी किसी के गले नहीं उतर रही है।
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मौके पर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे ट्रैक पर जाकर जान देने का फैसला किया
मुकेश का कहना है कि चारों की हत्या के बाद उसने पत्नी की दो अंगूठी अपने एक परिचित सराफ को बेची। उससे जो रुपये मिले उनसे दो लोगों का 15,700 रुपये का का उधार चुकाया। इस तरह से सोमवार का पूरा दिन बीता। इसके बाद रात नौ बजे रेलवे ट्रैक पर जाकर जान देने का फैसला किया। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। तथ्य के आधार पर कार्रवाई होगी।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
भाई को भी किया था फोन, 16 लाख में बेची थी दुकान
लालपुरा निवासी अखिलेश उर्फ लालू ने बताया कि वह छह भाई थे। इसमें सबसे बड़े भाई रत्नेश वर्मा एआरटीओ कॉलोनी के पास रहते हैं। इस मकान में राकेश, अवधेश, मुकेश और सबसे छोटे भाई रघुवेश का परिवार रहता है। मुकेश की गल्ला मंडी में दुकान थी, उसपर रघुवेश बैठते थे। रघुवेश की बीमारी के चलते 2021 में मौत हो गई थी। 2022 में मुकेश ने दुकान 16 लाख रुपये की बेच दी थी।
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घर के बाहर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश ने बताया कि मुकेश दिल्ली में मकान बनाकर रहने की बात कह रहा था। बड़े भाई रत्नेश ने बताया कि सोमवार को उनका जन्मदिन था। वह गाड़ीपुरा मोहल्ले में रह रहीं मां चंद्रकला से शाम को टीका कराने गए थे। शाम करीब छह बजकर 23 मिनट पर मुकेश ने फोन किया था। वह नीलकंठ मंदिर में थे, इस वजह से वह बात नहीं कर पाए थे। उन्होंने आगे बताया कि मुकेश पैसे से बहुत सक्षम था। वह अपने साथियों के साथ फ्लाइट से भी सफर करता था।
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मृतक रेखा, भाव्या और अभीष्ट का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सुरक्षा में एक साथ उठीं चार अर्थियां
शहर मोहल्ला लालपुरा में सराफ कारोबारी मुकेश वर्मा पारिवारिक कलह के चलते पत्नी रेखा (40), बड़ी बेटी (22), छोटी बेटी काव्या (16) व अभीष्ट (12) को नशीली गोली खिलाकर सभी का गला कस दिया। मंगलवार को कागजी कार्रवाई के सभी का पोस्टमार्टम करवाया गया। घटना की सूचना मिलते हो मोहल्लेवासी, रिश्तेदार समेत आसपास क्षेत्र के लोग इकट्ठा हो गए। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच बजे शव पर पहुंचे तो लोगों का तांता लग गया। हर कोई शवों को देखना चाहता था।
इससे पहले घर के बाहर एक साथ मां और उनके तीन बच्चों की एक साथ अर्थियां रखी देख हर कोई बस यही कह रहा था कि हंसता खेलता परिवार किस तरह से पल भर में खत्म हो गया। भीड़ को देखते हुए पुलिस भी मौजूद रही। रेखा की बहन राखी, भाई सतेंद्र, मां चंद्रकला समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। राखी वहन के शव से लिपट-लिपटकर रो रही थी कि यह क्या हो गया। मुकेश के भतीजे ऋषभ समेत परिवार के अन्य चार भतीजों ने एक-एक करके रेखा, भाव्या, काव्या व अभीष्ट की चिता को मुखाग्नि दी।