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एकता हत्याकांड: मनोवैज्ञानिक बोले- विमल है ढीठ...जानबूझकर नहीं दिए 112 सवालों के जवाब, परिजन भी असंतुष्ट

Sat, 09 Nov 2024 05:51 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पुलिस ने फावड़े और सब्बल को ऑफिसर्स क्लब से बरामद कर लिया है। साथ ही पुलिस ने विमल की कार और घटनास्थाल से बरामद रस्सी, चुन्नी और सिर की हड्डियां फोरेंसिक जांच के लिए भेज दीं, ताकि यह पता चल सके कि घूंसा मारने के बाद विमल ने एकता का गला रस्सी के कसा था या चुन्नी से।
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आरोपी विमल - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में एकता हत्याकांड के आरोपी जिम ट्रेनर विमल ने पुलिस रिमांड के दाैरान जानबूझ कर कई सवालों के जवाब नहीं दिए। कस्टडी रिमांड पर 24 पुलिस कर्मी शामिल थे। इसमें छह-छह पुलिस कर्मियों की अलग-अलग टीम बनाई गई थी। टीमों ने उससे पूछताछ के दौरान 209 सवाल किए थे, लेकिन विमल ने इसमें से सिर्फ 87 सवालों के ही जवाब दिए।
बाकी के सवालों पर वह चुप्पी साधे रहा या पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 48 घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने विमल का सामना तीन मनोबैज्ञानिकों से कराया था। साथ विमल से पूछताछ के दौरान बनाए गए वीडियो भी भी दिखाए।
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आरोपी विमल सोनी की बाइक - फोटो : amar ujala
पुलिस के सवालों पर विमल के चेहरे पर बदलते भावों का अध्ययन करने के बाद मनोवैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट दी। उनके अनुसार पूछताछ के दौरान विमल के चेहरे पर कुछ ऐसे भाव उभर रहे थे, जैसे वह कोई बात छुपाने की कोशिश कर रहा हो। वह ढीठ है और उसने जानबूझ कर कुछ सवालों के जवाब नहीं दे दिए।
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जेल से रिमांड पर लाया गया आरोपी विमल सोनी - फोटो : amar ujala
वह खास सवाल, जिनके जवाब नहीं दिए
  • एकता के साथ वह कब से रिलेशन में था? रिलेशन में था भी या झूठ बोल रहा है?
  • हत्या का प्लान कबसे दिमाग में बना? फरारी के दौरान किसने किसने साथ दिया?
  • ऑफिसर्स क्लब में खुदाई के दौरान किसको-किसको जानकारी थी?
  • आमतौर पर पहली बार हत्या करने के बाद आदमी घबराता है? उसके साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ?
  • ऑफिसर्स क्लब के पास की इमारत में लगे कैमरों में विमल सोनी की फुटेज क्यों नहीं मिली?

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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
एकता के परिवार को भी नहीं मिले कई सवालों का जवाब
विमल ने एकता के परिजनों के पूछे गए सवालों के जवाब तो दिए, लेकिन जहां वह फंसने लगता वहां चुप्पी साध लेता था। यह एकता के पति राहुल गुप्ता का कहना है। राहुल के अनुसार, जब उसने विमल से पूछा कि एकता की हत्या क्यों की? तो उसने बताया कि उसे गुस्सा आ गया था। जब गुस्सा आने की वजह पूछी तो उसने कहा कि मैं एकता को मारना नहीं चाहता था। इस पर राहुल ने जब पूछा कि एकता के मोबाइल और पर्स में ऐसा क्या था जो दोनों को ठिकाने लगाना इतना जरूरी था? इन सवालों पर विमल ने चुप्पी साध ली थी।
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Kanpur Ekta Murder Case - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2016 में पौध रोपण के लिए खोदे गए गड्ढे में एकता के शव को दफनाया था विमल
विमल ने एकता के शव को जिस गड्ढे में दबाया था, वह 2016 में पौधरोपण के लिए खोदा गया था। गड्ढा महज साढ़े तीन फीट का था, जिसे विमल ने फावड़े व सब्बल से ढाई फीट और खोद दिया। इसके बाद एकता के शव को उसमें डाल कर ऊपर से मिट्टी, झाड़ियां और पपत्तियां डाल दीं।
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kanpur murder - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बरामद फावड़ा, सब्बल आदि को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
पुलिस ने फावड़े और सब्बल को ऑफिसर्स क्लब से बरामद कर लिया है। साथ ही पुलिस ने विमल की कार और घटनास्थाल से बरामद रस्सी, चुन्नी और सिर की हड्डियां फोरेंसिक जांच के लिए भेज दीं, ताकि यह पता चल सके कि घूंसा मारने के बाद विमल ने एकता का गला रस्सी के कसा था या चुन्नी से।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
हत्या में प्रयुक्त कार का भीतर व बाहर से जुटाए गए साक्ष्य
फोरेंसिक टीम ने 24 जून को हत्या में प्रयुक्त कार में पड़ी पावदान की मिट्टी समेत अन्य साक्ष्य एकत्रित किए थे। अब वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने के दौरान फोरेंसिक टीम ने विमल की कार का स्टेयरिंग, गेयर और ओपन हैंडिल से स्क्रैच कर रिसीड कलेक्ट की। कार में मिली रस्सी, टूटा हुआ क्लचर, टूटीं चूडियां और मैट की डस्ट भी कलेक्ट की। बारिश की वजह से विमल के फुट प्रिंट नहीं मिल सके हैं। कार में दो अलग-अलग फुट प्रिंट मिले, जिसे एक एकता और दूसरा विमल का माना जा रहा है।

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जिलाधिकारी आवास में जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कस्टडी रिमांड पूरी होते ही जेल भेजा गया विमल
एडिशनल सीपी हरीश चंदर ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे विमल की कस्टडी रिमांड पूरी होनी थी। इससे पहले ही विवेचक धर्मेंद्र कुमार ने विमल का मेडिकल करा उसे जिला जेल में दाखिल कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार 48 घंटे रिमांड पूरी होने के बाद भी पुलिस अभी कई अनसुलझे सवालों के जवाब हासिल नहीं कर सकी है।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के पास जो भी सबूत और तथ्य हैं, वह हत्यारोपी को सजा दिलाने के लिए प्रर्याप्त हैं। जरूरत पड़ी तो आरोपी को एक बार फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।  -श्रवण कुमार, डीसीपी पूर्वी
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