यूपी में फर्रुखाबाद जिले में मंगलवार शाम करीब चार बजे खेलते समय आठ साल की बच्ची 60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गयी। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी प्रशासन को दी। इसके बाद आए सेना के जवानों ने सीमा को सकुशल निकालने के लिए काम शुरू किया। लेकिन चार दिन बाद जैसे ही एसडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य बंद किया और खोदे गए गड्ढे भरे जाने लगे, पूरे इलाके में मातम का माहौल हो गया।
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ऑपरेशन असीम बंद
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की सूचना पर सेना के जवान मौके पर पहुंच गए थे। मंगलवार देर रात सांसद विधायकों के साथ ही सैंकड़ों लोग मौके पर पहुंचे थे।
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ऑपरेशन असीम बंद
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हर शख्स मासूम की सलामती के लिए दुआएं करता रहा लेकिन तमाम प्रयासों के बाद निराशा ही हाथ लगी। बचाव कार्य में लगे जिम्मेदारों के मुताबिक बच्ची की किसी भी प्रकार हलचल नहीं मिल पा रही थी। इस हालात में उन्होंने मासूम को मृत मानकर बचाव कार्य बंद कर दिया। सीमा के भाई ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसको विश्वास में लिए बगैर ऑपरेशन असीम को बंद कर दिया गया है।
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ऑपरेशन असीम बंद
- फोटो : अमर उजाला
सेना, एनडीआरफ, एसडीआरफ वापस चली गई। जमीन को समतल करने का काम जेसीबी और पोकलैंड मशीन से राजस्वकर्मी करा रहे है। मासूम न तो जिंदा मिली और न उसका शव ही बरामद किया जा सका। मासूम बोरवेल में दफन हो गई।