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विकास दुबे के किलेनुमा घर में फंसकर शहीद हुए आठ पुलिसकर्मी, सीसीटीवी कैमरों से लैस है हर दीवार

Sat, 04 Jul 2020 01:06 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे का घर - फोटो : amar ujala
कुख्यात अपराधी और यूपी मोस्ट वांटेड विकास दुबे उर्फ विकास पंडित का घर किले से कम नहीं है। शातिर दिमाग होने के कारण विकास पंडित का घर ऐसा बना है कि उसमें लगे तीन बड़े दरवाजे तीन दिशाओं में खुलते हैं। छत पर जाने के लिए दो जीना हैं। सभी द्वार पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
 

 

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घर में जांच के लिए पहुंचे एडीजी एलओ प्रशांत कुमार - फोटो : amar ujala
इसके अलावा ऊंची-ऊंची चाहरदीवारी से कोई न आ सके लिए लिए कटीले तारों की बैरीकेटिंग भी की गई है। घर के भीतर कोई देख नहीं सकता है। लेकिन छतों से पूरे गांव को देखा जा सकता है। गुरुवार रात करीब एक बजे पुलिस की टीम विकास के घर के पास पहुंची तो घर से कुछ दूर रास्ते में जेसीबी को लगाकर रास्ता रोका गया था।
 

 

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घटनास्थल पर मौजूद फोर्स - फोटो : amar ujala
इसलिए पुलिस अपनी गाड़ी से मौके तक नहीं पहुंच सकी। विकास और उसके साथी लाठी-डंडा और असलहे लेकर खड़े थे। जब पुलिस टीम घर की तरफ पैदल बढ़ी तो पुलिस से उनकी झड़प हो गई। उसके बाद पुलिस के असलहों को छीनकर उन पर फायर कर दिया गया। विकास दुबे के साथ घटना के समय कितने लोग थे इसकी कोई जानकारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस के अधिकारी दबी जुबान में अधिकांश गांव के लोगों के होने की बात कह रहे हैं।
 

 

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घटना के बाद घर में लगी भीड़ - फोटो : amar ujala
छतों से पुलिस कर्मियों पर तड़ातड़ फायरिंग हुई
पुलिस अधिकारियों जहां पूरे दिन दबिश देने गई पुलिस टीम और विकास पंडित गैंग के लोगों में मुठभेड़ की बात कहते रहे वहीं सूत्रों फारेंसिक टीम के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास पंडित व उसके गुर्गों ने कई पुलिस अधिकारियों को काफी पास से सिर, छाती, पैर में कई राउंड गोली मारकर मौत के घाट उतारा है।

 

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अधिकारियों ने विकास दुबे के घर का हर कोना छाना - फोटो : amar ujala
और तो और विकास पंडित ने अपने साथियों को पहले ही पूरा प्लान बनाकर अपने घर और उसके आसपास के मकानों की छतों पर तैनात कर दिया था। जब पुलिस टीम के लोग मौके से भागे तब छतों से भी कई राउंड गोली चलीं। जिसमें सीओ बिल्हौर, एसओ शिवराजपुर, दो दारोगा और चार सिपाही शहीद हो गए।

 

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विकास दुबे - फोटो : amar ujala
वारदात के समय करीब 70 से ज्यादा राउंड गोलियां चली हैं। लेकिन गांव वाले कुछ बोलने को तैयार नहीं है। विकास के घर के आसपास 100 मीटर की दूरी तक खून के धब्बे पड़े हुए हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि उन्होंने कुछ नहीं देखा है। सिर्फ फायरिंग की आवाज सुनी है। 
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