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LOCKDOWN: बीमार बेटे को चारपाई पर लिटा लुधियाना से कानपुर तक पैदल तय किया सफर

Sat, 16 May 2020 03:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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चारपाई पर बल्ली बांध बीमार बेटे को ले जाते हुए - फोटो : amar ujala
कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक पिता अपने बेटे को चारपाई पर लिटाकर ले जाते हुए नजर आ रहा है।

 
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कानपुर के रामादेवी हाईवे पर पहुंचा परिवार - फोटो : amar ujala
बीमार बेटे को चारपाई पर लिटाकर, चारपाई को रस्सी से बांधकर और कांधों पर टांगकर एक परिवार लुधियाना से यहां तक पैदल चला आया। शुक्रवार शाम को कानपुर के रामादेवी हाईवे पर परिवार को इस तरह बच्चे को ले जाते हुए देखकर थाना प्रभारी रामकुमार गुप्ता ने उन्हें रोककर बातचीत की तो पिता रोने लगा। बोला लॉकडाउन ने हम से सब कुछ छीन लिया।

 
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गर्दन में चोट की वजह से चलने में असमर्थ है बेटा - फोटो : amar ujala
फिर वाहन की व्यवस्था कराकर उन्हें घर भेजा गया। मध्य प्रदेश के सिंगरौली गांव निवासी राजकुमार लुधियाना में मजदूरी करते थे और वहीं पर परिवार के साथ रहते थे। उनका 15 वर्षीय बेटा बृजेश बीमार था। गर्दन में चोट होने के कारण उसका पैदल चलना मुमकिन नहीं था।

 

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रोजी रोटी छिन गई तो बेटे को चारपाई पर लाद कर लाए - फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के बाद परिवार ने लुधियाना से निकलने की ठान ली। बेटे को चारपाई में लिटाने के बाद उसमें रस्सी के सहारे एक बल्ली बांधी। परिवार के साथ गांव के लोगों के मिलाकर कुल 18 लोग थे जो बारी-बारी से उस चारपाई को कंधे पर उठाकर बीमार बेटे को अपने साथ पैदल लेकर घर जा रहे थे।


 
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लुधियाना से कानपुर तक रौंगटे खड़े कर देने वाला सफर - फोटो : amar ujala
रास्ते में उन्होंने करीब 50 किमी. का सफर वाहन से तय किया। अधिकतर वाहन चालक बेटे को चारपाई पर लेटा देख उसे साथ ले जाने के लिए राजी नहीं होते थे। शुक्रवार दोपहर बाद उन्हें रामादेवी हाईवे पर रोककर थाना प्रभारी रामकुमार ने खान-पान कराया और उन्हें वाहन में बैठाकर घर पर भेजा।
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