विजयादशमी पर मंगलवार को कानपुर के पंडालों में विराजमान दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया गया। गाजे-बाजे और अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भक्त गीतों पर झूमते दिखे।
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दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला देर शाम तक चला। सबसे अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन ग्रीनपार्क स्टेडियम के पीछे स्थित घाट पर किया गया।
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दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
- फोटो : अमर उजाला
उधर, दशहरा की वजह से पुलिस फोर्स कम होने के कारण कई समितियों ने लाउडस्पीकर का जमकर प्रयोग किया।शारदीय नवरात्र में 4 अक्तूबर को बंगाली समाज की ओर से दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना पंडालों में की गई थी।
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दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से पुष्पांजलि, पूजा-अर्चना, धुनुची नृत्य के उत्सव हुए। महानवमी पर हवन के बाद कन्याओं को भोजन कराने के बाद भंडारा हुआ। बुधवार को भी शहर में जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में सार्वजनिक आर्यनगर दुर्गा पूजा कमेटी, श्रीश्रीबारवारी दुर्गा पूजा अनुष्ठान समिति मालरोड, बंगीय परिषद मॉडल टाउन पांडुनगर, अशोक नगर की दुर्गा पूजा कमेटी, अर्मापुर स्टेट में गुरुद्वारा के पास, फूलबाग किला के पास, किदवई नगर बाबूपुरवा मैदान के पास, चकेरी में काली बाड़ी मंदिर के पास, श्याम नगर में हरिहर धाम के पास, श्रीश्रीसार्वजनिन दुर्गा पूजा शास्त्री नगर-विजय नगर में विराजमान दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया गया।