शराब की लत किस कदर भारी पड़ती है, इसकी बानगी गुरुवार रात यूपी के उरई(जालौन) जिले में शादी समारोह में आए युवकों के साथ देखने को मिली। शराब ठेके के बोर्ड पर लिखे फोन नंबर को सेल्समैन का नंबर समझकर शराब देने के लिए फोन मिलाते रहे। लेकिन वो नबंर किसका था इस बारे में उन लड़कों को कोई जानकारी ही न थी। इसके बाद जो हुआ उसके चर्चे पूरे इलाके ही नहीं बल्कि शहर भर में होते रहे। लोग घटना की बातें कर-करके ठहाके भी लगाते रहे। आगे की स्लाइड में पढ़िए...
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हुआ ये कि शुक्रवार को उपेंद्र दोहरे, आशीष चौधरी, अनिल कुमार और राजीव कुमार निवासीगण बघौरा बाईपास उरई गुरुवार रात कस्बे में आयोजित शादी समारोह में आए थे। देर रात लगभग ग्यारह बजे चारों ने शराब पीने का मन बनाया और पहुंच गए अंग्रेजी शराब की दुकान पर।
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दुकानों के बंद होने का समय रात 10 बजे का है। शराब ठेके पर ताला लगा देख चारों ने दुकान के बोर्ड के बगल में लिखे मोबाइल नंबर को सेल्समैन का नंबर समझ कर मिला दिया और। उससे कहा कि आकर दुकान खोलें और शराब की बोतल दे जाएं। लेकिन वह नंबर निकला एसडीएम गुलाब सिंह का।
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पहली बार तो एसडीएम ने समझा कि किसी ने धोखे से फोन मिला दिया है। उन्होंने बात को गंभीरता से नहीं लिया, पर शराब की लत कहां मानने वाली थी। युवकों ने न सिर्फ दो तीन बार उस नंबर पर फोन ही मिलाया बल्कि ऊंची आवाज में बात भी करना शुरू कर दी।
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बस फिर क्या था, कुछ ही देर में सेल्समैन तो नहीं हूटर बजाती पुलिस की जीप दुकान के बाहर पहुंच गई और चारों युवकों को पकड़कर कोतवाली ले आई। जहां पहुंचने पर चारों युवकों को गलती का पता चला। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस ने चारों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई भी कर दी। बता दें कि एसडीएम गुलाब सिंह ने शराब की हर दुकान के बाहर अपना नंबर इसलिए लिखवा दिया है कि यदि कोई दुकानदार रात दस बजे के बाद शराब बेचता दिखे तो उन्हें उनके नंबर पर सूचित किया जाए।