डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने कहा है कि सबइंस्पेक्टर से लेकर आईपीएस तक सब तनाव में हैं। 24 घंटे की नौकरी में तनाव तो है, लेकिन हम उसकी परवाह नहीं करते। कई और तरह के तनाव हैं, जिससे आत्महत्या या जान देने की कोशिश स्थिति आती है। शनिवार को डीजीपी घरेलू कलह में जहर खाने वाले आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास को देखने रीजेंसी अस्पताल आए थे।
डीजीपी शाम को 4:40 बजे रीजेंसी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र कुमार का बेहतर इलाज किया जा रहा है, लेकिन स्थिति क्रिटिकल है। कुछ चीजें हम लोगों को भगवान पर छोड़ देनी चाहिए। हम लोग आखिरी समय तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने एसएसपी अनंत देव, इलाज कर रहे डॉक्टरों, सुरेंद्र की पत्नी डॉ.रवीना सिंह, ससुर डॉ. रावेंद्र सिंह, मां इंदू और भाई नरेंद्र से भी बातचीत की।
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एसपी सुरेंद्र की हालत गंभीर
डीजीपी ने इलाज में मदद करने वाले आईपीएस अफसरों खासकर सुरेंद्र के बैचमेट, डॉक्टरों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। पुलिस अफसरों के आत्महत्या या आत्महत्या की कोशिश जैसे कदम उठाने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि 24 घंटे की नौकरी में तनाव है, लेकिन वह सेकेंड्री है। पुलिस अफसरों में तनाव और भी तरह के हैं, जिससे ऐसी स्थिति आ रही है। इसे देखा जाएगा। डीजीपी करीब एक घंटे रुकने के बाद 5:35 बजे वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
आपको बता दें कि जहर खाने वाले कानपुर एसपी (पूर्वी) सुरेंद्र कुमार दास की हालत शनिवार को और बिगड़ गई। वह मल्टी आर्गन फेल्योर में चले गए हैं अर्थात उनके कई अंग काम नहीं कर रहे हैं। दोपहर में उनके पैर की नस में जमा खून का थक्का निकालने के लिए आपरेशन किया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत बहुत गंभीर बताई है।