कानपुरः दीपावली नजदीक आते ही मिलावट का बाजार भी गरम हो गया है। जरा से फायदे के लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जाता है। मिठाई खरीदने से पहले आप भी थोड़ा जागरूकता बरतें। शंका होने पर आप भी खाद्य पदार्थ में मिलावट की जांच कर सकते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावट की जांच के कुछ आसान तरीके बताए हैं।
विज्ञापन
2 of 4
डेमो पिक
ऐसे कर सकते हैं खुद जांच
मिठाई : इसमें मेटानिल येलो (केमिकल) की मिलावट की जाती है। इससे कैंसर हो सकता है। मिठाई के नमूने को पानी के साथ गरम कर छान लें। इसके बाद एचसीएल (हाइड्रो क्लोरिक) एसिड की कुछ बूंदे मिलाएं। रंग बदलने पर मिलावट का संकेत है।
चांदी का वर्क : इसमें एल्युमीनियम के वर्क का प्रयोग करते हैं। इससे पेट के रोग होते हैं। इसकी जांच के लिए वर्क जलाएं अगर नीले तेज प्रकाश की लौ उठे तो समझ लें मिलावटी एल्युमीनियम का वर्क है।
विज्ञापन
3 of 4
डेमो पिक
चीनी : इसमें चाक पाउडर की मिलावट की जाती है। इससे लीवर में दिक्कत आती है। चीनी को पानी में घोलने पर चाक पाउडर नीचे बैठ जाता है। ये मिलावट के संकेत हैं।
दूध : इसमें वनस्पति, यूरिया, डिटर्जेंट और फार्मलीन की मिलावट की जाती है। इससे पेट दर्द, अल्सर और लीवर की बीमारी हो सकती है। एक टेस्ट ट्यूब उसी के बराबर एचसीएल मिलाकर गर्म करें। लाल रंग आए तो वनस्पति की मिलावट है। परखनली में दूध लेकर यूरियेज एन्जाइम डालकर अच्छी तरह हिलाएं और पांच बूंद पोटेशियम कार्बोनेट मिलाकर फिल्टर पट्टी समेत कार्क से ढक दें। फिल्टर पेपर का रंग यदि पहले लाल और फिर हरा हो जाए तो यूरिया की मिलावट है।